पांच महीने से अंधेरे में गुजर कर रहे सोहगीबरवा के वाशिंदे Gorakhpur News

पांच महीने से बिना बिजली के रह रहे हैं सोहगीबरवा के लोग। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

सोहगीबरवा के वाशिंदों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। सड़क व अन्य समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों पर अब बिजली न मिलने की समस्या का भी पहाड़ टूट पड़ा है। पिछले छह माह से सोहगीबरवा के तीन गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 03:10 PM (IST) Author: Rahul Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन : महराजगंज के टापू कहे जाने वाले सोहगीबरवा के वाशिंदों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। सड़क व अन्य समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों पर अब बिजली न मिलने की समस्या का भी पहाड़ टूट पड़ा है। पिछले छह माह से सोहगीबरवा के तीन गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है, जिसकी वजह से वहां के ग्रामीणों को अंधेरे में गुजर करना मजबूरी बनी हुई है। जिला मुख्यालय से 93 किमी दूर निचलौल तहसील के नारायणी नदी के उस पार बसे सोहगीबरवा, शिकारपुर व भोथहा में करीब 10 हजार की आबादी निवास करती है। नारायणी नदी के उस पार बसे होने व कोई सीधा रास्ता न होने से यहां जाने के लिए कुशीनगर के खड्डा से बिहार की सीमा होते हुए यहां जाना पड़ता है। सरकारी सुविधाओं के संचालन के साथ ही अबतक इस गांव में कुशीनगर जनपद से विद्युत आपूर्ति होती रही है। लेकिन पिछले वर्ष अगस्त महीने में बढ़ी नारायणी के जलस्तर से कुशीनगर से आनेवाली मेन लाइन के 36 विद्युत पोल शालिकपुर गांव के पास नदी में विलीन हो गए। तभी से विद्युत आपूर्ति बाधित है। सोहगीबरवा के निवर्तमान ग्राम प्रधान विनय ङ्क्षसह ने बताया कि कई बार शिकायत की गई , लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।

दो जिले के पेंच में फंसी विद्युत आपूर्ति

सोहगीबरवा के ग्रामीण महातम, नंदा, सुदामा, रामप्रवेश ने बताया कि कुशीनगर के विद्युत अधिकारी इस समस्या पर बिल्कुल ही ध्यान नहीं दे रहे हैं।  पिछले महीने जिलाधिकारी महराजगंज से मिलकर समस्या समाधान की मांग की गई थी। जिलाधिकारी ने समस्या समाधान कराने के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कुशीनगर विद्युत विभाग को भेजा गया है पत्र

महराजगंज के डीएम उज्‍ज्‍वल कुमार ने बताया कि समस्या की जानकारी है। सोहगीबरवा में कुशीनगर जनपद के खड्डा डिवीजन से विद्युत आपूर्ति की जाती है। इसके लिए कुशीनगर विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।

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