नगर आयुक्‍त के सामने छलका सेवानिवृत्त सीएमओ का दर्द, बोले- कभी मैं भी आप जैसा साहब था

गोरखपुर निवासी 67 वर्षीय डा. ध्रुव चंद्र गुप्ता 2012 में संतकबीरनगर के सीएमओ रहे। इसके बाद तकरीबन ढाई साल जालौन के सीएमओ रहने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। अब अपने घर के सामने रखी गुमटी हटवाने के ल‍िए वह चार साल से नगर न‍िगम का चक्‍कर लगा रहे हैं।

Pradeep SrivastavaThu, 23 Sep 2021 03:12 PM (IST)
गोरखपुर में सेवानिवृत्त सीएमओ अपने घर के सामने से गुमटी हटवाने के ल‍िए चार साल से दौड़ रहे हैं।

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। 'साहब, बहुत दिन नहीं बीते हैं। मैं भी आपकी ही तरह अफसर था। जालौन और संतकबीरनगर में सीएमओ रह चुका हूं लेकिन अब सेवानिवृत्त हो गया हूं तो हालत देख लीजिए। घर के सामने रखी गुमटी हटवाने के लिए चार साल से दौड़ रहा हूं। एक पैर भी कट चुका है। जब सीएमओ था तो किसी जरूरतमंद का काम नहीं रोका, सबका काम प्राथमिकता पर कराता गया पर अब इतना मजबूर हो गया हूं कि कह नहीं सकता।

बसंतपुर निवासी दिव्यांग डा. ध्रुव चंद्र गुप्ता संतकबीरनगर और जालौन में रह चुके हैं सीएमओ

यह दर्द है राजघाट थाना क्षेत्र के बसंतपुर खास निवासी 67 वर्षीय डा. ध्रुव चंद्र गुप्ता का। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज से 1974 बैच के एमबीबीएस डा. धु्रव चंद्र गुप्ता बसंतपुर खास के मूल निवासी हैं। वह वर्ष 2012 में संतकबीरनगर के सीएमओ रहे। इसके बाद तकरीबन ढाई साल जालौन के सीएमओ रहने के बाद सेवानिवृत्त हो गए।

बुधवार दोपहर छड़ी के सहारे किसी तरह नगर आयुक्त अविनाश सिंह के सामने पहुंचे। बताया कि मैं जालौन का सीएमओ रह चुका हूं तो नगर आयुक्त भी चौंक गए। उन्होंने डा. ध्रुव चंद्र की पूरी बात सुनी और प्रवर्तन बल के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए।

वर्ष 2017 में कट गया था पैर

सीएमओ पद से सेवानिवृत्त होने के बाद डा. धु्रव चंद्र गोरखपुर आ गए। उनकी एक बेटी इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन (इसरो) में इंजीनियर है। बेटा शिक्षा विभाग में है। डा. धु्रव चंद्र बताते हैं कि बाएं पैर में खून का थक्का जमने के बाद दिक्कत हुई तो दो महीने तक मेदांता गुडग़ांव में भर्ती रहा। पैर में इंफेक्शन होने के बाद डाक्टरों ने काट दिया। कृत्रिम अंग के सहारे चलता हूं।

रैंप पर रखी है गुमटी

डा. धु्रव चंद्र ने बताया कि उनके घर के सामने रैंप और नाली पर एक व्यक्ति ने गुमटी रख दी है। इस कारण उन्हें घर के अंदर पहुंचने में असुविधा होती है। पुलिस को सूचना दी तो उन्होंने नगर निगम का बताया। चार साल से नगर निगम के चक्कर काट रहा हूं लेकिन कोई नहीं सुन रहा है।

सेवानिवृत्त सीएमओ ने शिकायती पत्र दिया है। प्रवर्तन बल के प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों की सहूलियत ही हमारी प्राथमिकता है। - अविनाश सिंह, नगर आयुक्त।

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