गोरखपुर में दिन-दहाड़ेे दौड़ाकर गोली मारने का मुख्‍य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश

गोरखपुर में दिन-दहाड़ेे दौड़ाकर गोली मारने के मुख्‍य आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 12:48 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के बिशुनपुरवा व मोहद्दीपुर में बीते दिनोंं दिन-दहाड़ेे हुई गोलीबारी की घटना के मुख्‍य आरोपित शुभम सिंह सिंघाड़ा को महराजगंज पुलिस ने शनिवार की देर रात मुठभेड़ में पकड़ लिया। 25 हजार का इनामी बदमाश नेपाल भागने की फिराक में था। वहीं कैंट पुलिस ने वारदात में शामिल विनय सिंह जानू और पॉशा होटल के मैनेजर जाकिब को पकड़ लिया है। सिंघाड़ा का साथी शुभम सिंह बरहज के साथ ही वारदात में शामिल अन्‍य आरोपितों की सरगर्मी से तलाश चल रही है।

खोराबार के मोतीराम अड्डा, अहिरवाती टोला के रहने वाले शुभम सिंह सिंघाड़ा ने शुक्रवार को कचहरी में आत्‍मसमर्पण करने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस की घेराबंदी देख फरार हो गया। शनिवार की शाम वह नेपाल भागने की फिराक में था। महराजगंज जिले की घुघली थाने कि पुलिस ने रास्‍ते में घेर लिया। बदमाश ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया लेकिन थानेदार ने दबोच लिया। सिंघाड़ा के पास से एक तमंचा और बाइक मिली है। वहीं कैंट पुलिस ने शनिवार की सुबह विनय सिंह उर्फ जानू को महादेव झारखंडी के पास गिरफ्तार कर लिया। देर शाम पुर्दिलपुर में रहने वाला पाशॉ रेस्‍टोरेंट का मैनेजर जाकिब भी पुलिस के हत्‍थे चढ़ गया। इस मामले में कैंट पुलिस सुमित चंदेल, शुभम राव, अविनाश सिंह, प्रज्जवल सिंह, विक्रांत पासवान, प्रिंस शाही और आदर्श शुक्ला को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। एसपी सिटी डॉ. कौस्‍तुभ ने बताया कि विनय सिंह जानू व जाकिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुभम सिंह सिंघाड़ा के भी पकड़े जाने की सूचना मिली है। इस संबंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

छात्र नेता के सूद के धंधे में वसूली का करता था विनय

ब्याज पर लोगों को पैसा बांटने वाले एक छात्र नेता के पैसे की वसूली का काम भी विनय सिंह जानू करता था। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है। अब पुलिस इस दिशा में भी जांच करेगी कि कहीं इन युवकों के संरक्षक छात्र नेता तो नहीं है। छात्र नेता की शोहरत अच्छी नहीं है। आपराधिक मामले में वह जेल जा चुका है। अपराध करने वाले युवको को पालने का भी शौक रखता है।

आइसीयू में भर्ती है एक घायल

दोनों गुट के बीच हुई मारपीट में घायल हुआ एक युवक आइसीयू में भर्ती है। बताया जा रहा है कि उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। आरकेबीके के पास मिले सीसी फुटेज से युवक की पहचान हुई है। घटना की वजह जानने के लिए पुलिस युवक के बारे में जानकारी जुटा रही है।

यह है मामला

21 सितंबर को कैंट क्षेत्र में ब‍िशुनपुरवां से लेकर मोहद्दीपुर तक दो गुटों में दिन दहाड़े फायरिंग के बाद प्रापर्टी डीलर जितेन्द्र यादव को युवकों ने गोली मारी थी। फायरिंग के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी मच गई थी। दुकाने बंद हो गई थी। जांच में पता चला कि 20 सितम्बर को भी इस गुट ने दो बार मारपीट की थी।

गोरखपुर पुलिस के हत्‍थे चढ़ा जानू

उधर, घटना में शामिल विनय सिंह जानू को कैंट पुलिस ने शनिवार की सुबह महादेव झारखंडी के पास गिरफ्तार किया। बांसगांव का रहने वाला जानू किराए पर कमरा लेकर महादेव झारखंडी कॉलोनी में रहता है। लूट व चोरी के मामले में पहले जेल जा चुका है। दबाव बढ़ने पर 25 हजार रुपये के इनामी सिंघाड़ा ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की घेराबंदी देख फरार हो गया। सीसी फुटेज की मदद से पुलिस वारदात में शामिल अन्‍य आरोपितों की तलाश में जुटी है। सीओ कैंट सुमित शुक्‍ल ने शनिवार की दोपहर कैंट थाने में प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि सुबह सूचना मिली कि फरार चल रहा बदमाश विनय सिंह उर्फ जानू महादेव झारखंडी के पास मौजूद है। प्रभारी निरीक्षक कैंट मनोज राय ने फोर्स के साथ घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। विनय को लेकर इस कांड में अब तक आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो अन्य आरोपित शुभम सिंह सिंघाड़ा और शुभम सिंह बरहज की अभी तलाश जारी है। दोनों के ऊपर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा है। उनकी तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम दबिश डाल रही है। गुरुवार को जेल भेजे गए आरोपितों से पूछताछ में मूल रुप से बांसगांव के भैरोपुर निवासी विनय सिंह का नाम सामने आया था। सीओ ने बताया कि इस मामले में सुमित चंदेल, शुभम राव, अविनाश सिंह, प्रज्जवल सिंह, विक्रांत पासवान, प्रिंस शाही और आदर्श शुक्ला को गिरफ्तार किया जा चुका है।

छात्र नेता के सूद के धंधे में वसूली का करता था विनय

ब्याज पर लोगों को पैसा बांटने वाले एक छात्र नेता के पैसे की वसूली का काम भी विनय सिंह जानू करता था। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है। अब पुलिस इस दिशा में भी जांच करेगी कि कहीं इन युवकों के संरक्षक छात्र नेता तो नहीं है। छात्र नेता की शोहरत अच्छी नहीं है। आपराधिक मामले में वह जेल जा चुका है। अपराध करने वाले युवको को पालने का भी शौक रखता है।

 

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