Gorakhpur Vaccination: लगवाई कोविशील्ड, पोर्टल पर कोवैक्सीन-100 लोगों की दूसरी डोज फंसी

वैक्‍सीन लगाने के संबंध में फाइल फोटो, जेएनएन।

शुरुआत में ही विभाग ने यह संदेश दिया था कि जिसे पहली डोज जिस वैक्सीन की लगी है दूसरी भी उसी की लगाई जाएगी। लेकिन लोगों को लग कुछ और रहा है और पोर्टल पर चढ़ कुछ और रहा है।

Satish Chand ShuklaFri, 14 May 2021 04:09 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। कोविन पोर्टल की गड़बड़ियां सुधर नहीं पा रही हैं। अभी तक मैसेज दूसरों के पास जा रहा था। अब पोर्टल लोगों की जान से भी खिलवाड़ करने लगा है। शुरुआत में ही विभाग ने यह संदेश दिया था कि जिसे पहली डोज जिस वैक्सीन की लगी है, दूसरी भी उसी की लगाई जाएगी। लेकिन लोगों को लग कुछ और रहा है और पोर्टल पर चढ़ कुछ और रहा है। सौ लोगों को कोविशील्ड लगाई गई और पोर्टल पर दिखा रहा है कि उन्हें को-वैक्सीन लगाई गई है। इसलिए उनकी दूसरी डोज नहीं लग पा रही है। लोग परेशान हैं और विभाग सुन नहीं रहा है।

सूर्यकुंड के माधवदास व उनके परिवार के राजकुमार लखमानी, रेनू देवी, इंद्रा, देवकी देवी तथा उनके एक दोस्त राजेश जायसवाल ने गोरखनाथ स्थित खेतान हास्पिटल में छह अप्रैल को कोविशील्ड लगवाई थी। उनके कार्ड पर भी कोविशील्ड लिखा हुआ है। लेकिन जब वे दूसरी डोज लगवाने पहुंचे तो सत्यापन के दौरान पता चला कि पोर्टल पर को-वैक्सीन चढ़ाया गया है। वैक्सीनेटर ने उन्हें वैक्सीन लगाने से मना कर दिया।

यह है मामला

हास्पिटल में शुरू से ही को-वैक्सीन भेजी जाती थी। पांच अप्रैल को 10 वायल कोविशील्ड के भेज दिए गए। एक वायल में 10 डोज होती है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल पर वैक्सीन का नाम नहीं बदला, वहां को-वैक्सीन ही चढ़ा रह गया। जबकि हास्पिटल ने सभी के कोविड रिपोर्ट कोर्ड व अपने रजिस्टर पर कोविशील्ड ही चढ़ाई। जब वे दूसरी डोज लगवाने जा रहे हैं तो दोनों में अंतर के चलते उन्हें वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है।

फिर से रजिस्ट्रेशन करवाकर लगवाए टीका

माधव दास जब स्वास्थ्य विभाग से कह-सुन कर थक गए। किसी ने नहीं सुनी तो उन्होंने फिर से अपने पूरे परिवार का रजिस्ट्रेशन कराया और फर्स्ट डाेज फिर लगवाई। उनकी दोनों डोज पूरी हो गई। लेकिन अब समस्या यह है कि पोर्टल पर फर्स्ट डोज ही दिखेगी। वे अब दूसरी डोज लगवा नहीं सकते, इसलिए उन्हें भारत सरकार का प्रमाण पत्र नहीं मिल पाएगा।

पोर्टल पर नहीं सुधरा तो कैसे लगेगी दूसरी डोज

स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल पर सुधार करने की पूरी कोशिश कर ली है लेकिन सुधार हो नहीं पा रहा है। विभाग का दावा है कि उन्हें दूसरी डोज लगा दी जाएगी। खैर वे कोरोना से तो सुरक्षित हो जाएंगे लेकिन पोर्टल पर यदि को-वैक्सीन की जगह कोविशील्ड नहीं चढ़ी तो लोगों को भारत सरकार के प्रमाण पत्र नहीं मिल पाएंगे और जो डोज भी लगाई जाएगी उसे वेस्टेज माना जाएगा। जबकि सरकार का निर्देश है कि एक भी डोज वेस्ट नहीं जानी चाहिए। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने में मुश्किलें कम नहीं हैं।

सूर्यकुड निवासी माधव दास का कहना है कि जब किसी ने नहीं सुनी तो हार मानकर हम लोगों ने नए सिरे से रजिस्ट्रेशन करावाया और डोज लगवा ली। हमें भले ही भारत सरकार का प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा लेकिन हम कोविड से तो सुरक्षित हो गए।

समस्‍या का होगा समाधान

वहीं खेतान हास्पिटल के निदेशक डा. दीपक खेतान का कहना है कि मेरी सीएमओ से इस संबंध में बात हुई है। उन्होंने इस मामले में एक प्रार्थना पत्र मांगा है और आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। सभी को दूसरी डोज लगाई जाएगी। वहीं सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय का कहना है कि यह समस्या संज्ञान में है। देखा जा रहा है कि हास्पिटल को उस दिन कौन सी वैक्सीन भेजी गई थी। उसी के आधार पर लोगों को दूसरी डोज लगवा दी जाएगी।

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