UP Board: बच्‍चे कर रहे वेट, गुरुजी नहीं दे रहे डेट- दूसरे परीक्षक से बोर्ड को करानी पड़ी परीक्षा

ड्यूटी के बाद भी परीक्षकों के समय नहीं देने से परीक्षा विलंब से हो रहा है।

UP Board ड्यूटी के बाद भी कई विद्यालयों में जहां परीक्षकों के समय नहीं देने से परीक्षा विलंब से हो रही है वहीं कुछ जगह ऐन वक्त पर परीक्षकों के न आने से बचों को बिना परीक्षा के ही बैरंग लौटना पड़ रहा है।

Pradeep SrivastavaThu, 25 Feb 2021 12:20 PM (IST)

गोरखपुर, प्रभात कुमार पाठक। यूपी बोर्ड के इंटर की प्रायोगिक परीक्षा प्रधानाचार्यों ही नही छात्रों के लिए भी परेशानी का सबब बन गई है। ड्यूटी के बाद भी कई विद्यालयों में जहां परीक्षकों के समय नहीं देने से परीक्षा विलंब से हो रही है वहीं कुछ जगह ऐन वक्त पर परीक्षकों के न आने से ब'चों को बिना परीक्षा के ही बैरंग लौटना पड़ रहा है। जिले में अब तक तीन दर्जन से अधिक परीक्षकों के ड्यूटी करने से मना करने के कारण दूसरे परीक्षक की ड्यूटी लगाकर परीक्षा करानी पड़ी है। दूसरे चरण में 13 से 22 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा होनी थी, लेकिन परीक्षकों की शिथिलता के कारण तिथि खत्म होने के बाद भी परीक्षा चल रही है।

तिथि समाप्त होने के बाद भी विद्यालयों में चल रही प्रायोगिक परीक्षा

गत 17 फरवरी को राजकीय कन्या एडी इंटर कालेज में भौतिकी की प्रयोगात्मक परीक्षा पहले से प्रस्तावित थी, लेकिन परीक्षक के न आने से उस दिन परीक्षा नहीं हो सकी। ऐसे में छात्राओं को बिना परीक्षा दिए ही घर वापस लौटना पड़ा। प्रधानाचार्य रेमी यादव ने बताया कि परीक्षक ने ऐन वक्त पर जरूरी कार्य का हवाला देकर आने से मना कर दिया। जिसके कारण यह परीक्षा दूसरे परीक्षक से 23 व 24 फरवरी को करानी पड़ी। इसी तरह जीव विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा 15 फरवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन यह परीक्षा भी परीक्षक के मना करने पर 23 व 24 फरवरी को दूसरे परीक्षक से करानी पड़ी। यह तो महज बानगी भर है। ऐसे जिले के आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में परीक्षकों के प्रयोगात्मक परीक्षा कराने से मना करने के कारण बोर्ड को दूसरे परीक्षकों की नियुक्ति कर परीक्षा करानी पड़ी।

एमजी इंटर कालेज में अभी भी प्रायोगिक परीक्षा चल रही है। प्रधानाचार्य ओपी ङ्क्षसह ने बताया कि 25 फरवरी को भौतिकी व रसायन विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा है। एक मार्च को जीव विज्ञान की परीक्षा के साथ ही प्रायोगिक परीक्षा समाप्त होगी।

 इसी प्रकार जुबिली इंटर कालेज में रसायन विज्ञान के परीक्षक से संपर्क न होने व समय से न आने के कारण बोर्ड द्वारा निर्धारित तिथि के अंदर परीक्षा नहीं हो सकी। इसके बाद बोर्ड ने दूसरे परीक्षक की नियुक्ति की। तब जाकर 20 फरवरी से परीक्षा शुरू हुई।

जिले में 34 परीक्षकों ने प्रैक्टिकल कराने से मोड़ा मुंह

जनपद में बस्ती व देवीपाटन मंडल के नियुक्त विभिन्न विषयों के 34 परीक्षकों के मना करने से दूसरे परीक्षकों की नियुक्ति कर परीक्षा करानी पड़ी। क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिन परीक्षकों के स्थान पर दूसरे परीक्षक की तैनाती करनी पड़ी उनमें भौतिक विज्ञान के 12, रसायन विज्ञान के 11, जीव विज्ञान के पांच, गृह विज्ञान के चार तथा भूगेाल के दो परीक्षक शामिल हैं।

यदि बिना कारण के कोई परीक्षक ड्यूटी करने से शिथिलता बरतता है तो यह गंभीर बात है। ऐसे परीक्षकों को चिह्नि कर डिबार करने की कार्रवाई की जाएगी। - आरपी सिंह, उप सचिव, क्षेत्रीय कार्यालय, यूपी बोर्ड।

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