सास एवं भाजे की हत्‍या करने वाली महिला की जमानत अर्जी नामंजूर

कोर्ट के फैसले से संबंधित प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो।

वादिनी सोनी सिंह जायसवाल साड़ी घर पर काम करने गई हुई थी। वहीं पर उसे सूचना मिली कि उसके घर घटना घट गई है। जब वह घर पहुंची तो पता चला कि उसकी मां चंदा देवी और बेटे नैतिक की हत्या हो गई है।

Publish Date:Thu, 14 Jan 2021 05:32 PM (IST) Author: Satish chand shukla

गोरखपुर, जेएनएन। सास एवं भांजे की हत्या की हत्या के आरोप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने शाहपुर थाना क्षेत्र के रामजानकी नगर नया टोला निवासी आरोपित रंजना सिंह की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी है।

अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यश पाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेन्द्र कुमार मिश्र का कहना था कि घटना 15 अक्टूबर 2020 की है। वादिनी सोनी सिंह जायसवाल साड़ी घर पर काम करने गई हुई थी। वहीं पर उसे सूचना मिली कि उसके घर घटना घट गई है। जब वह घर पहुंची तो पता चला कि उसकी मां चंदा देवी और बेटे नैतिक की हत्या हो गई है। जिसपर उसने विश्वास व्यक्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराया कि उसके भाई विशाल सिंह, विशाल सिंह की पत्नी आरोपित रंजना सिंह, पिता वीरेंद्र सिंह तथा विशाल सिंह के साले ने मिलकर उसकी मां और बेटे की हत्या की है। दौरान विवेचना आरोपित विशाल सिंह की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद हुआ। आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से वादिनी की मां और उसके बेटे की हत्या की है।

हत्या के दो मामले में नौ को उम्रकैद

हत्या के दो मामलों में नौ अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भुगतनी पड़ेगी।

चौरीचौरा क्षेत्र के रामपुर रकबा निवासी चंद्रिका मौर्य गुड्डू, गया प्रसाद, संजय मौर्य, रामनक्षत्र और अदायी महदेवा निवासी चंदन चौहान और उमेश चौहान को अपर सत्र न्यायाधीश राहुल दुबे ने बुधवार को सजा सुनाई। उन्हें 16 हजार पांच सौ रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। रामपुर रकबा निवासी नेबूलाल की 24 नवंबर 2013 को हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे जनार्दन मौर्य ने इस मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय और सिद्धार्थ सिंह ने अभियोजन का पक्ष रखा। एक अन्य मामले में पिपराइच क्षेत्र के मुड़ेरी गढ़वा निवासी रामभवन यादव और चिलुआताल क्षेत्र के विस्तार नगर बरगदवा निवासी रामरक्षा यादव उर्फ तीजू को अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार खरवार ने आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुड़ेरी गढ़वा निवासी बलवंत यादव के पिता की 26 अगस्त 2013 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके पुत्र बलवंत यादव ने अपने भाई रामभवन व उसके साथी रामरक्षा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय व अतुल कुमार शुक्ल ने अभियोजन का पक्ष रखते हुए अदालत से दोनों अभियुक्तों को कठोर दंड देने की मांग की थी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.