यहां घर तक पहुंची टीम, कोरोना संक्रमण की जानकारी लेकर दी दवाएं Gorakhpur News

देवरिया जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर है। कोरोना लक्षण वाले व्यक्तियों के पहचान के लिए पांच दिनों तक चले अभियान में 458405 लोगों के दरवाजे पर पहुंची और कोरोना लक्षण की जानकारी ली। जो लोग कोरोना के लक्षण वाले पाए गए उन्हें दवाएं दी गईं।

Rahul SrivastavaWed, 12 May 2021 03:10 PM (IST)
तरकुलवा के अमवा गांव में कोरोना की जांच के लिए नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी। जागरण

गोरखपुर, जेएनएन : देवरिया जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर है। कोरोना लक्षण वाले व्यक्तियों के पहचान के लिए पांच दिनों तक चले अभियान में 458405 लोगों के दरवाजे पर पहुंची और कोरोना लक्षण की जानकारी ली। जो लोग कोरोना के लक्षण वाले पाए गए, उन्हें दवा देने के साथ एहतियात बरतने की सलाह दी।

पांच मई से की गई थी विशेष अभियान की शुरुआत

विशेष अभियान की शुरूआत जनपद में पांच मई से की गई और आशा कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम लोगों के दरवाजे पर पहुंची और सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार इत्यादि लक्षण मिलने पर उन लोगों को चिन्हित कर अपनी रिपोर्ट सौंपी है।

203 लोगों के दरवाजे पर लटका मिला ताला

जनपद में विशेष टीम ने पांच दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 458405 लोगों के दरवाजे पर पहुंची और परिवार के एक-एक सदस्यों के बारे में जानकारी ली। साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया कि वह लोग कहां से आए हैं और क्या-क्या उनके लक्षण हैं। इस बीच 203 घरों पर ताला लटका मिला। इसके चलते उनके परिवार के बारे में टीम को कुछ पता नहीं चल सका। टीम ने अपनी जो रिपोर्ट दी है, उसमें यह जिक्र किया है कि वह लोग शादी समारोह में कहीं गए हैं या अस्पतालों में इलाज कराने के लिए गए है।

अभियान में 8635 लोगों में मिले कोरोना के लक्षण

टीम के पांच दिनों के अभियान में 8635 लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। जिनकी रिपोर्ट टीम ने नोडल अधिकारी को भेज दी है। साथ ही उन लोगों को होम क्वारंटाइन होने की सलाह दी गई।

2338 लोगों को दिया गया किट

अभियान के दौरान 8635 लोगों की आरटीपीसीआर कोरोना जांच की गई, जिनमें कोरोना के लक्षण मिले हैं। उसमें से 2338 लोग अस्पताल जाने में सक्षम नहीं मिले तो टीम ने उन्हें घर पहुंच कर दवा का किट उपलब्ध कराया है। अन्य लोगों को अस्पताल पर बुलाकर चिकित्सक से दिखाते हुए दवा उपलब्ध कराया है।

तीन ब्लाक में सर्वाधिक लक्षण वाले मिले लोग

जनपद के 16 ब्लाकों में यह विशेष अभियान चलाया गया, लेकिन तीन ब्लाक में सर्वाधिक लक्षण वाले लोग मिले हैं। इसमें बरहज, भागलपुर व भलुअनी ब्लाक शामिल हैं। इसमें से 1150 ऐसे लोग हैं, जो पंचायत चुनाव में मुंबई व अन्य जगहों से जनपद में आए हैं।

आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार

जिन लोगों में जांच के दौरान कोरोना के लक्षण मिले हैं, उन लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 8635 लोगों की आरटीपीसीआर की जांच कर सैंपल भेजा है। हालांकि अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि लक्षण वाले कितने लोग पाजिटिव हैं। जिले में 350 क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। यह सभी पंचायत भवन को बनाया गया है। हालांकि किसी भी पंचायत भवन में लोगों के क्वारंटाइन होने की सूचना नहीं है। सभी लोग घर पर ही रह रहे हैं।

जिले में 2619 पाजिटिव लोग हैं होम आइसोलेशन

जिले में अस्पतालों में बेडों का अभाव है और आक्सीजन के लिए मारामारी हो रही है। इसको देखते हुए 2691 पाजिटिव अपने घर पर ही रह रहे हैं और उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। समय-समय पर चिकित्सक उनसे बात कर जानकारी ले रहे हैं।

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