शिक्षा विभाग की वेबसाइट हैक कर फर्जी शिक्षकों से वसूली करने वाले गिरोह को STF ने पकड़ा Gorakhpur News

गोरखपुर एसटीएफ द्वारा पकड़े गए आरोपी। फोटो सौंजन्‍य- एसटीएफ
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 01:30 PM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। प्रदेश में फर्जी शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए मानव संपदा पोर्टल का गठन किया गया है। इस पोर्टल पर परिषदीय विद्यालय के सभी शिक्षकों का रिकार्ड मौजूद है। इस वेबसाइट को हैक फर्जी शिक्षकों से वसूली करने वाला गिरोह सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे एसटीएफ गोरखपुर फील्ड इकाई के हत्थे चढ़ा। गिरोह के तीन सदस्यों को एसटीएफ ने लखनऊ के गोमतीनगर स्थित वेब सिनेमा के पास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित का नाम यदुनंदन, सत्यपाल पुत्रगण इंद्रमणि यादव निवासी हरदी थाना सहजनवां जिला गोरखपुर, प्रमोद कुमार यादव निवासी बरसीपार थाना सलेमपुर जनपद देवरिया है। तीनों आरोपित अपने फर्जी के आधार पर फर्जी शिक्षकों से वसूली करते थे। उनके पास से 8.6 लाख नकद, बड़े पैमाने कूटरचित दस्तावेज, प्रिंटर, लैपटाप आदि बरामद हुआ है।

एसटीएफ को गिरोह के विषय में शिकायत मिली थी कि यदुनंदन उर्फ प्रमोद कुमार सिंह बाराबंकी में एक फर्जी शिक्षक है। वह अपने गैंग के सदस्यों के माध्यम से मानव संपदा पोर्टल को हैककर लोगों से रुपये इकट्ठा कर रहा है। एक सूचना के आधार पर एसटीएफ ने उसे गिरोह के साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ गोरखपुर टीम में उपनिरीक्षक आलोक राय, सत्येन्द्र विक्रम, हेड कांस्टेबल असलम सिंह, कांस्टेबल आशुतोष तिवारी आदि शामिल रहे।

100 से हो चुकी वसूली, रडार पर 250

एसटीएफ के मुताबिक यह गिरोह बीते जनवरी माह से ही सक्रिय है। यदुनंदन वेबफाइट से फर्जी शिक्षकों का ब्यौरा इकट्ठा करता और फिर उनके बारे में उन्‍हें जानकारी देकर उनसे धन की वसूली करता। पोर्टल पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को ब्यौरा है। उसमें से संदिग्ध शिक्षकों का डाटा छांटकर कार्रवाई करना है, लेकिन एक ही प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले करीब चार सौ शिक्षकों का डाटा यह गिरोह सर्च कर चुका है। एसटीएफ के मुताबिक इसमें से करीब 100 लोगों से वसूली भी हो चुकी है। 250 शिक्षक अभी और इस गिरोह के निशाने पर थे। एसटीएफ ने यह भी बताया कि वह अभी गोरखपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर सहित विभिन्न जिलों से करीब 250 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करा चुका है।

फर्जी प्रमाण पत्र पर सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था यदुनंदन

यदुनंदन फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सीआरपीएफ में भी नौकरी कर चुका है। इसे लेकर उसके विरुद्ध 2007 में सहजनवा थाने में मुकदमा भी पंजीकृत है। आरोपित प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि वह आशीष कुमार सिंह के नाम से प्राथमिक विद्यालय खोरी पट्टी बड़हलगंज गोरखपुर में नौकरी कर रहा है। सत्यपाल ने एसटीएफ को बताया है कि वह यदुनंदन का भाई है। फर्जी शिक्षकों को फोन वही करता है।

 

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