International Nurses Day: बाीआरडी में मरीजों को बचाने में पाजिटिव हुईं फिर वहीं कर रहीं ड्यूटी

ड्यूटी पर मौजूद सिस्‍टर इंचार्ज प्रमिला नागवंशी, जागरण।

International Nurses Day कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रही प्रमिला नागवंशी सभी नर्सों को लगातार मरीजों की सेवा करने की शिक्षा देती रहती हैं। कहती हैं कि कोरोना संक्रमितों को समय से दवा और पौष्टिक भोजन मिले तो वह तेजी से ठीक होते हैं।

Satish Chand ShuklaWed, 12 May 2021 12:51 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमितों की दिक्कतों और जरूरतों को सिस्टर इंचार्ज प्रमिला नागवंशी से अच्छा कोई नहीं समझ सकता। संक्रमितों की सेवा करने में पिछले साल वह खुद संक्रमित हो गई थीं। जिस कोविड अस्पताल में कई नर्सों की इंचार्ज थीं वहीं भर्ती होकर खुद का इलाज कराया। कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली परेशानियों को खुद महसूस किया। एक-दो नहीं बल्कि 20 दिनों तक कोविड अस्पताल के बेड पर प्रमिला ने कोरोना से जंग लड़ी। मजबूत हौसलों से उन्होंने न सिर्फ कोरोना को पटखनी दी वरन संकल्प ले लिया कि वह कोरोना संक्रमितों की हर हाल में रक्षा करेंगी। पिछले साल से उनकी ड्यूटी लगातार कोरोना वार्ड में लग रही है। मरीजों को समय से दवा और भोजन देने के साथ ही प्रमिला उन्हें सकारात्मक सोच रखने को प्रोत्साहित भी करती हैं। खुद का अनुभव बताती हैं कि कैसे उन्होंने कोरोना को हराया। इससे मरीजों में आत्मविश्वास का संचार करती हैं।

संक्रमित मरीजों में आत्‍मविश्‍वास की जरूरत

कोविड अस्पताल में ड्यूटी कर रही प्रमिला नागवंशी सभी नर्सों को लगातार मरीजों की सेवा करने की शिक्षा देती रहती हैं। कहती हैं कि कोरोना संक्रमितों को समय से दवा और पौष्टिक भोजन मिले तो वह तेजी से ठीक होते हैं। इसके साथ ही आत्मविश्वास की बहुत जरूरत है। भले ही कोरोना हुआ हो और अस्पताल में भर्ती हो गए हों लेकिन हमेशा मन में यही बात होनी चाहिए कि हम जल्द ठीक होकर सामान्य दिनचर्या में लौटेंगे।

वीडियो काल पर करती थीं बच्चों से बात

प्रमिला कहती हैं कि कोरोना की पहली लहर में जब वह संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हुई थीं तो समझ में नहीं आ रहा था कि गलती कहां से हो गई। खुद को बहुत सुरक्षित रखती थी। खैर दिक्कत बढऩे पर जब भर्ती हुई तो बिल्कुल भी नहीं डरी। बच्चों से वीडियो काल के माध्यम से बात करती थी। बच्चे भी लगातार हौसला अफजाई करते थे।

मास्क जरूर लगाएं

प्रमिला कहती हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में दो मास्क लगाना बहुत जरूरी है। पहले तो बहुत जरूरी हो तब ही घर से निकलें और जब वापस जाएं तो गुनगुने पानी से नहाकर अपने सभी कपड़े डिटर्जेंट पाउडर में भिगो दें। ज्यादातर बाहर रहने वाले खुद को आइसोलेट समझकर ही घर में रहें तो ज्यादा अच्छा है।

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