World Alzheimer Day 2021: ठीक से सोएं और खाएं, नहीं तो भूलने लगेंगे

World Alzheimer Day 2021 45 वर्ष के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं जबकि इसे 60 वर्ष के ऊपर की बीमारी माना गया है। दो साल पहले बीआरडी मेडिकल कालेज ने मानसिक रोगों के प्रति लोगों की जागरूकता पता करने के लिए एक अभियान चलाया था।

Pradeep SrivastavaMon, 20 Sep 2021 11:08 PM (IST)
ठीक से न सोने व खाने से भूलने की बीमारी का खतरा रहता है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। ठीक से सोना व समय से खाना नहीं हो पा रहा है तो डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) हो सकती है। बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज में हर महीने इस बीमारी के लगभग 20 मरीज के आते हैं। अभी तक लगभग सभी में इस बीमारी का कारण अल्जाइमर पाया गया है। इनमें से 90 फीसद लोग बहुत कम सोते थे। देर रात तक जागते थे। समय पर भोजन नहीं करते थे। नींद आने के बाद भी काम की वजह से उन्हें जागना पड़ता था। पूरी दिनचर्या अनियमित हो गई थी। इनमें से अधिकांश को ब्लड प्रेशर, शुगर की समस्या भी है। कुछ शराब का भी सेवन करते थे।

45 वर्ष के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे

मानसिक रोग विशेषज्ञों के अनुसार 45 वर्ष के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं, जबकि इसे 60 वर्ष के ऊपर के लोगों की बीमारी माना गया है। दो साल पहले बीआरडी मेडिकल कालेज ने मानसिक रोगों के प्रति लोगों की जागरूकता पता करने के लिए एक अभियान चलाया था। ओपीडी में आने वाले मरीजों व उनके स्वजन से सभी मानसिक रोगों के बारे में पूछा गया। 85 फीसद लोगों को कुछ भी पता नहीं था। गांवों में भूलने की बीमारी को सठिया कहते हैं। गांवों के लोग इसके बारे में जानते थे। लेकिन उसे लेकर जागरूक नहीं थे।

क्या है अल्जामइर

मस्तिष्क की कोशिकाओं में एक विशेष प्रकार का प्रोटीन जमा होने लगता है। जिसके चलते धीरे-धीरे कोशिकाएं मर जाती हैं। इसे अल्जाइमर करते हैं। इस बीमारी की खोज एक अल्जाइमर नामक वैज्ञानिक ने की थी। उन्हीं के नाम पर इस बीमारी का नाम पड़ा। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है।

लक्षण

रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।

कारण

डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्राल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, पर्याप्त नींद न लेना, अनियमित दिनचर्या, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत इस बीमारी का कारण है। यह अनुवांशिक भी होती है।

बचाव

पर्याप्त नींद लें। दिनचर्या नियमित करें। सकारात्मक सोच बनाए रखें। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगाएं। नियमित व्यायाम करें। नशे से दूर रहें। ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित रखें।

मेडिकल कालेज के मानसिक रोग विभाग में हर गुरुवार को डिमेंशिया क्लीनिक चलाया जाता है। अभी तक ज्यादातर लोगों में इस बीमारी का मुख्य कारण अल्जाइमर ही पाया गया है। यदि समय रहते इस बीमारी का पता चल जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को मानसिक रोगों के प्रति जागरूक करना होगा। -डा. तपस कुमार आइच, अध्यक्ष, मानसिक रोग विभाग, बीआरडी मेडिकल कालेज।

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