सिद्धार्थ विश्‍वविद्यालय पूरे प्रदेश में सबसे आगे, जानिए क्‍या है मामला

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने बीकाम द्वितीय वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित किया। परीक्षा समाप्त होने के चार दिन के बाद परीक्षाफल घोषित किया गया है। कुल 11466 कापियां जांची गई है। 52 कालेजों में बीकाम द्वितीय वर्ष की परीक्षा हुई थी।

Rahul SrivastavaSun, 25 Jul 2021 01:10 PM (IST)
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सभागार में परीक्षा परिणाम प्रपत्र पर हस्ताक्षर करते कुलपति प्रो.हरि बहादुर श्रीवास्तव। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव ने बीकाम द्वितीय वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित किया। परीक्षा समाप्त होने के चार दिन के बाद परीक्षाफल घोषित किया गया है। कुल 11466 कापियां जांची गई है। 52 कालेजों में बीकाम द्वितीय वर्ष की परीक्षा हुई थी। 1911 छात्र व छात्राओं ने परीक्षा दी। उत्तीर्ण छात्रों का फीसद 95.18 रहा। 4.07 फीसद छात्र अनुपस्थित रहे और 0.74 फीसद अनुत्तीर्ण हैं। जुलाई में सत्र 2021-22 की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कराई जाएगी।

प्रदेश में परीक्षा परिणाम देने वाले पहले संस्‍थान होने का प्राप्‍त हुआ गौरव

कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिविवि को प्रदेश में परीक्षा 2021 का परिणाम देने वाले पहले संस्थान होने का गौरव प्राप्त हुआ है। बीकाम द्वितीय की परीक्षा में छात्राओं ने बाजी मारी है। 97.05 फीसद छात्राएं उत्तीर्ण हुई है। जबकि 94.32 फीसद छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं। प्रयास किया जाएगा कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार प्रवेश, अध्ययन व अध्यापन परीक्षा समय से पूरा किया जाए। छात्रों के लिए जितना महत्वपूर्ण पढ़ाई होती है, उतना परीक्षा और उसका मूल्यांकन भी है। शुचिता के साथ त्वरित मूल्यांकन और परिणाम यह साबित करता है कि मूल्यांकन व्यवस्था में लगी टीम का सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है।

कठिन लक्ष्‍य भी प्राप्‍त किया जा सकता है आसानी से

योजनाबद्ध और सटीक निगरानी के साथ कार्य किया जाए तो कठिन लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। परीक्षा के साथ मूल्यांकन कार्य भी योजना के अनुसार कराया जा रहा है। 20 जुलाई को बीकाम की परीक्षा समाप्त होते ही मूल्यांकन कराने के साथ परिणाम घोषित किया गया। कोरोना के कारण पैदा हुए विपरीत परिस्थितियों में भी प्रयास होगा कि समय से सत्र का संचालन किया जाए। परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, मूल्यांकन प्रभारी डा. पुर्णेश नारायण सिंह, सहायक कुलसचिव डीएन यादव, शेख अंजुम, प्रो. सुशील तिवारी, प्रो. हरीश शर्मा, डा. आरके सिंह, डा. अरविंद द्विवेदी, डा. अविनाश प्रताप सिंह, अतुल रावत, सत्यम दीक्षित आदि मौजूद रहे।

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