फसल के साथ बिजली का भी उत्पादन करेंगे किसान : श्रीकांत शर्मा Gorakhpur News

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा। फाइल फोटो

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि किसान अब फसलों के साथ बिजली का भी उत्पादन करेंगे। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। अतिरिक्त ऊर्जा या नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग कर किसान बंजर भूमि पर सोलर ऊर्जा प्लांट लगाएंगे और बिजली पैदा करेंगे।

Rahul SrivastavaSun, 13 Dec 2020 03:00 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन : प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि किसान अब फसलों के साथ बिजली का भी उत्पादन करेंगे। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। अतिरिक्त ऊर्जा या नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग कर किसान बंजर भूमि पर सोलर ऊर्जा प्लांट लगाएंगे और बिजली पैदा करेंगे। इसमें से उपभोग के बाद बची बिजली को उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को बेच भी देंगे। ऊर्जा मंत्री पूर्वांचल का विकास : मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत विनिर्माण क्षेत्र के पांचवें तकनीकी सत्र को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे। वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

चार केंद्र लगाए जाएंगे पूर्वांचल में

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों द्वारा उत्पादित बिजली खरीदने के लिए बनने वाले केंद्रों में से चार पूर्वांचल में लगाए जाएंगे। प्रदेश को मिले 8000 सोलर पंपों में से सिंचाई के लिए 2882 पंप पूर्वांचल को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए पूर्वांचल का तेजी से विकास बहुत जरूरी है। सतत विकास के लिए निर्बाध बिजली की बड़ी जरूरत होती है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। नवीकरणीय स्रोतों से अभी ऊर्जा क्षेत्र में छह फीसद का योगदान है। मुख्यमंत्री ने इसे 2021 तक 20 फीसद करने का लक्ष्य रखा है।

कोरोना काल में भी नहीं आने दिया बिजली संकट

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग ने कोरोना के संकट काल में भी बिजली संकट नहीं आने दिया। कभी ऐसा समय था कि गांव में यदि ट्रांसफार्मर फुंक जाए तो ग्रामीणों को चंदा जुटाकर बनवाना पड़ता था, लेकिन आज सूचना मिलते ही बिजली निगम की टीम उसे ठीक करा देती है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी देश में दूसरे स्थान पर है तो इसमें ऊर्जा की उपलब्धता का बड़ा योगदान है। 20 किलोवाट से अधिक का कनेक्शन लेने पर अधिशासी अभियंता स्वयं कनेक्शन लेने वाले के यहां मिठाई का डिब्बा लेकर पहुंचते हैं, चेयरमैन स्तर पर उनसे नियमित संवाद कर उनकी समस्या जानी जाती है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन अरविंद कुमार, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सरोज कुमार ने विभागीय योजनाओं व उपलब्धियों की चर्चा की। वेस्ट चेस्टर पेंसिल्वेनिया के पर्यावरणविद, वरिष्ठ सलाहकार डा. राजेश सिंह ने पर्यावरण परिवर्तन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो पीके घोष ने पूर्वांचल के विकास में अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. गोविंद पांडेय ने पूर्वांचल में पर्यावरणीय मुद्दे विषय पर वक्तव्य दिया। 

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