कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खिलाफ पार्टी में बगावत, पूर्व जिलाध्यक्ष ने खोला मोर्चा Gorakhpur News

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के खिलाफ पार्टी में बगावत, पूर्व जिलाध्यक्ष ने खोला मोर्चा Gorakhpur News

दरअसल जिला कांग्रेस कमेटी की नई सूची जारी होने के बाद पार्टी कई गुटों में बंट गई है।

Publish Date:Mon, 03 Aug 2020 06:40 PM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखपुर, जेएनएन। कांग्रेस पार्टी की नवगठित जिला कमेटी की घोषणा के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने अब जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान को बसपाई बताते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा है कि वर्तमान जिलाध्यक्ष 2017 तक बसपा में रहीं, उसके बाद अचानक उन्हें जिलाध्यक्ष बना दिया गया। इससे पार्टी के पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ता निराश हैं।

प्रियंका वाड्रा के मिशन 2022 को फेल करने की हो रही साजिश

पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने इसे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व उप्र प्रभारी प्रियंका वाड्रा के मिशन 2022 को फेल करने की साजिश करार देते हुए हाई कमान से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से पार्टी में दूसरे दलों से आए लोगों को पद मिलता रहा तो पार्टी की हालत बेहतर नहीं हो सकते हैं।

सूची जारी होने के बाद कई गुटों में बंटी पार्टी

दरअसल, जिला कांग्रेस कमेटी की नई सूची जारी होने के बाद पार्टी कई गुटों में बंट गई है। 21 जुलाई को जारी पहली सूची में जयंत पाठक का नाम बतौर उपाध्यक्ष शामिल था, लेकिन 28 जुलाई की सूची से उनका नाम गायब था। इसके बाद जयंत पाठक ने जिलाध्यक्ष पर बाहरी होने व पार्टी को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगा मोर्चा खोल दिया। यह विवाद पूरी तरह थमा भी नहीं था कि रविवार को पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने निर्मला पासवान की 2017 में बसपा प्रत्याशी के साथ चुनाव प्रचार की फेसबुक पर शेयर फोटो भी साझा की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रियंका वाड्रा को पत्र लिखने की भी बात कही है।

प्रियंका वाड्रा ने मुझ पर जताया है विश्वास

कांग्रेस की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान का कहना है कि पार्टी के लिए समर्पित हूं और आजीवन रहूंगी। प्रियंका वाड्रा ने मुझ पर विश्वास जताते हुए जिम्मेदारी सौंपी है, ऐसे में बेहतर परिणाम दूंगी। पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने तो अपना प्रदर्शन दिखा दिया है। लोकसभा चुनाव में उनके वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला। जो आगे बढ़ता है उसका विरोध स्वाभाविक है। 2017 में कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ रही थी, ऐसे में आफताब आलम के साथ दो कदम चल दिया था, जो फोटो लोग वायरल कर रहे हैं उसे मैंने ही डाला था।  

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