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माध्यमिक वित्तविहीन महासभा ने डीआइओएस को सौंपा ज्ञापन Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। माध्यमिक वित्तविहीन महासभा ने मुख्यमंत्री को संबोधित दो सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा। संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष लाल बहादुर यादव प्रत्याशी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड व प्रदेव सचिव सुरेंद्र सिंह की तरफ से सौंपे ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना काल में विद्यालय बंद होने से वित्तविहीन शिक्षक भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। शासन के निर्देशानुसार विद्यालय के प्रबंधकों ने यह लिखकर दे दिया है कि शुल्क नहीं मिलने के कारण वे मानदेय देने में असमर्थ हैं। विद्यालय खुलने व शुल्क मिलने पर ही मानदेय देना संभव हो सकेगा। अब स्थिति यह है कि मानदेय ही नहीं दे रहे हैं। इससे कम मानदेय पर काम करने वाले वित्‍त विहीन शिक्षकों के समक्ष समस्‍या खड़ी हो गई है।

ज्‍यादातर स्‍कूल मानदेय शिक्षकों के सहारे

शिक्षक नेता ने कहा कि प्रदेश के ज्‍यादातर माध्‍यमिक विद्यालय मानदेय शिक्षकों के सहारे चल रहे है। स्‍कूलों को बेहतरी की ओर अग्रसर किए हुए हैं। वित्‍तविहीन शिक्षक नियमित स्‍कूल जाते हैं। उसी का नतीजा है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को बेहतर अंक प्राप्‍त हुआ है। बावजूद इसके वित्‍तविहीन शिक्षकों के लिए कोई आवाज तक नहीं उठाता है। उन्‍होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि सभी को मानदेय दिए जाने की व्‍यवस्‍था करे।

बेहतर समाज का निर्माण करता है शिक्षक

उन्‍होंने कहा कि बेहतर समाज का निर्माण शिक्षक के माध्‍यम से होता है। एक शिक्षक ही बेहतर शिक्षार्थी तैयार करता है। वही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश का नाम रोशन करते हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार को मजबूत इच्‍छा शक्ति दिखाना चाहिए। शिक्षकों के प्रति बेहतर रवैया होनी चाहिए। ताकि शिक्षकों का हौसला बना रहे।

संगठन मुख्यमंत्री से मांग करता है कि शिक्षकोंं की समस्याओं को देखते हुए साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीस हजार रुपये का आर्थिक पैकेज दिया जाए। ज्ञापन के जरिये मुख्यमंत्री से  शिक्षकों के एक समान काम का एक समान वेतन के लिए वित्तविहीन शिक्षक आयोग के गठन की मांग की।

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