वैज्ञानिक डा. अनंत नारायण भट्ट बोले, तन व मन की साधना का विज्ञान है योग एवं आयुर्वेद

योग और आयुर्वेद तन व मन की साधना का विज्ञान है। मानव जीवन को हमारे ऋषियों ने यह अमूल्य वरदान दिया है। योग व आयुर्वेद आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का विकल्प बनेगा। इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

Navneet Prakash TripathiSun, 28 Nov 2021 08:05 AM (IST)
वैज्ञानिक डा. अनंत नारायण भट्ट बोले, तन व मन की साधना का विज्ञान है योग एवं आयुर्वेद।प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। योग और आयुर्वेद, तन व मन की साधना का विज्ञान है। मानव जीवन को हमारे ऋषियों ने यह अमूल्य वरदान दिया है। योग व आयुर्वेद आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का विकल्प बनेगा। इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। यह बातें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. अनंत नारायण भट्ट ने कही। वह महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में संचालित गुरुश्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस एवं गुरुश्री गोरक्षनाथ कालेज आफ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आयुर्वेद और माडर्न मेडिसिन विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

कोरोना की टू-डीजी दवा भारतीय वैज्ञानिकों की बडी उपलब्धि

डा. भट्ट ने कहा कि कोविड के उपचार में डीआरडीओ की ओर से बनाई गई टू-डीजी दवा भारतीय वैज्ञानिकों की एक बड़ी उपलब्धि है। कोविड महामारी से युद्ध, एक प्रकार से जैविक हथियारों से युद्ध है। इसीलिए रक्षा वैज्ञानिकों को भी इस क्षेत्र में कूदना पड़ा। बीएचयू के प्रो. के. रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि आयर्वुेद में रसशास्त्र नाथपंथ की अमूल्य देन है। नाथ संप्रदाय ने रस सिद्धांत की विशिष्ट पद्धति दी, जिसे आज भी बीएएमएस में पढ़ाया जाता है।

आयुर्वेद के विशिष्‍ट पद्धति पर शोध कराए विश्‍वविद्यालय

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय आयुर्वेद के क्षेत्र में इस विशिष्ट पद्धति पर शोध कराए। बीएचयू के पंचकर्म विभाग के अध्यक्ष प्रो. जय प्रकाश सिंह ने कहा कि आयुर्वेद एवं माडर्न मेडिसिन के समन्वय से मानव जीवन के स्वास्थ्य को जिस नए माडल की प्रतिष्ठा में भारत आगे बढ़ रहा है, यह विश्वविद्यालय इस अभियान में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

आरोग्‍य धाम की परिकल्‍पना को साकार करेगा विश्‍वविद्यालय

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डा. अतुल बाजपेई ने कहा कि विश्वविद्यालय, आरोग्य धाम की परिकल्पना को साकार करेगा। यहां एलोपैथ, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से चिकित्सा का एक लोक कल्याणकारी माडल खड़ा हो रहा है। इस परिसर में स्थित चिकित्सालय ने रोगियों का उपचार शुरू कर दिया है।

नामी संस्‍थाओं के साथ मिलकर विश्‍वविद्यालय करेगा शोध

शीघ्र ही डीआरडीओ, बीएचयू, एम्स आदि संस्थाओं के साथ मिलकर शोध शुरू किया जाएगा। गुरुश्री गोरक्षनाथ कालेज आफ नर्सिंग की प्राचार्य डा. डीएस अजीथा ने अतिथियों का स्वागत किया। आयुर्वेद कालेज के प्राचार्य डा. पी. सुरेश ने आभार व्यक्त किया। संचालन नर्सिंग कालेज की छात्राएं ऐश्वर्या व प्राची ने किया।

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