खतरे के निशान से नीचे पहुंची सरयू, समस्याएं बरकरार

धनघटा तहसील क्षेत्र के कई गांवों से हटने लगा है बाढ़ का पानी

JagranPublish:Wed, 27 Oct 2021 07:41 PM (IST) Updated:Wed, 27 Oct 2021 07:41 PM (IST)
खतरे के निशान से नीचे पहुंची सरयू, समस्याएं बरकरार
खतरे के निशान से नीचे पहुंची सरयू, समस्याएं बरकरार

संतकबीर नगर: धनघटा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। हालांकि तुर्कवलिया गांव के निकट स्थित एमबीडी बंधे के पास कटान स्थल पर भारी जलजमाव है। प्रभावित गांवों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है। बाढ़ की चिता दूर होने के बाद लोगों को अब बीमारी की आशंका सताने लगी है। वर्तमान में नदी खतरा निशान से 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

क्षेत्र के आगापुर गुलरिहा, पटौवा, भौवापार, चकदहा, कंचनपुर, सरैया, खरैया, गायघाट आदि गांवों से बाढ़ का पानी अब हटने लगा है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। घर के पानी में डूबकर बर्बाद हो जाने की चिता कम हुई है। गांव के लोग पशुओं के लिए चारे के लिए गांव के सिवान में जा रहे हैं। धान की फसल की स्थिति देख रहे हैं। गेहूं की बोवाई करने की उम्मीदें जगी हैं। वहीं, ऐसे तमाम किसान जिनकी धान की फसल बाढ़ से बर्बाद हो गई है, वे परिवार के सदस्यों के भरण-पोषण की चिता में डूबे हैं। बहरहाल नदी के खतरा निशान से नीचे बहने से लोगों में पहले की अपेक्षा भय कम हुआ है। बंधे पर शरण लेने वाले लोग घर लौटने पर विचार कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ित अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों को जमकर कोस रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह लोग सिर्फ बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेते रहे लेकिन किसी ने नहीं पूछा कि उनके घर खाने के लिए अनाज है या नहीं। लंबे-चौड़े बयान देने वाले नेताओं ने यह साबित कर दिया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए दौरा करते हैं। बाढ़ पीड़ितों का दर्द हल्का करने के बजाय अधिकारियों पर सारी जिम्मेदारी थोपकर अपना पिड छुड़ाते हैं। यही कारण है कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री नहीं मिल पाई। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है। बीमारी न फैले, इसको लेकर तहसील प्रशासन सतर्क है। गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पानी हटने के बाद कैंप करेंगी।