खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, लोगों की मुश्किलें बढ़ी

सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसका नतीजा यह है कि बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों में फैलने से तटवर्ती क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होने लगी है।

JagranSat, 23 Oct 2021 05:31 PM (IST)
खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, लोगों की मुश्किलें बढ़ी

देवरिया : सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसका नतीजा यह है कि बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों में फैलने से तटवर्ती क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होने लगी है। नगर के पटेल नगर मोहल्ले में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रगड़गंज, नौकाटोला, राजपुर के पास बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। विशुनपुर देवार के नौ टोले बाढ़ के पानी से घिरे हैं। नगर के पटेल नगर में पानी घुस रहा है।

कटइलवा, राजपुर, नौकाटोला कपरवर पश्चिम टोला की तरफ बढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भदिला प्रथम गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। विशुनपुर देवार का नरेश टोला, पश्चिम टोला सरयू नदी के बाढ़ के पानी से घिर गया है। प्रशासन ने भदिला प्रथम में चार, विशुनपुर देवार में चार नाव का इंतजाम किया है। बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, पुलिस अधीक्षक डा. श्रीपति मिश्र ने बाढ़ क्षेत्र का जायजा लिया। शनिवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 मीटर से ऊपर 67.75 मीटर पर बह रही है। सरयू नदी के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। सरयू नदी खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर बह रही है। कपरवार में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नगर के पटेल नगर वार्ड, पुरंदर नाथ मंदिर मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बरहज के उपजिलाधिकारी ध्रुव कुमार शुक्ल ने बताया कि भदिला प्रथम और विशुनपुर देवार में लोगों के आवागमन के लिए चार-चार नाव लगाई गई हैं। जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है। लोगों से अपील है कि सुरक्षा को देखते हुए नदी की तरफ न जाए। जिससे कि किसी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखे हुए हैं। लगातार बढ़ रहा राप्ती और गोर्रा का जलस्तर

दोआबा में राप्ती और गोर्रा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान नदियों के जलस्तर में करीब दस सेंमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार की शाम राप्ती गेज प्वाइंट भेड़ी के समीप 68.60 मीटर और गोर्रा 68.10 मीटर पर थी। शुक्रवार की शाम राप्ती 68.50 मीटर पर और गोर्रा 68 मीटर पर प्रवाहित हो रही थी। राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान 70.50 मीटर से महज दो मीटर से कम है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देख दोआबा के लोग दहशत में हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते अचानक नदियों में उफान आने से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।

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