गोरखपुर में दो पहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी Gorakhpur News

गोरखपुर शहर में मोटरसाइकिल खरीदारी का दृश्‍य।
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 07:30 AM (IST) Author: Satish Shukla

गोरखपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इस स्थिति ने सुस्त पड़े ऑटोमोबाइल सेक्टर की गति बढ़ा दी है। दो पहिया हो या चार पहिया, सभी तरह की गाडिय़ों की बिक्री में उछाल आया है और आने वाले दिनोंं में धनतेरस, नवरात्र व लगन के कारण हालात और बेहतर होने की उम्मीद इस सेक्टर से जुड़े व्यापारी जता रहे हैं। कोरोना काल से पहले बाजार में आयी मंदी के कारण आटोमोबाइल सेक्टर पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। कोरोना काल शुरू हुआ तो इस सेक्टर की हालत खराब हो गई। पर, जैसे-जैसे शारीरिक दूरी को लेकर जागरूकता बढ़ी, लोग अपनी गाड़ी से चलने में सुरक्षित महसूस करने लगे। अनलॉक एक के समय शोरूम खोलने की अनुमति मिलते ही गाडिय़ों की बिक्री बढऩे लगी। जिन परिवारों में पहले से गाडिय़ां थीं, वहां उसकी संख्या बढ़ाई गई। ज्यादातर लोगों ने 100 से 125 सीसी तक की गाडिय़ों को पसंद किया। कीमत व माइलेज के पैमाने पर यह बेहतर साबित हो रही हैं। इस बीच स्कूटी की मांग भी खूब है। इसे खरीदने के पीछे लोगों का तर्क है कि घर की महिलाओं से लेकर बच्चे तक इसे चला सकते हैं। चारपहिया वाहनों की बात करें तो पांच लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये कीमत वाली गाडिय़ों की मांग अधिक है।

बिक्री के साथ फाइनेंस कराने वालों की बढ़ी संख्या

चारपहिया एवं दो पहिया गाडिय़ों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। पितृपक्ष के दौरान लोग खरीदारी से बचते हैं इसलिए बिक्री प्रभावित थी लेकिन अधिकमास शुरू होते ही बिक्री सामान्य हो गई है। शोरूम में नवरात्र, लगन व धनतेरस को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। गाडिय़ों का स्टाक मंगाया जा रहा है। इस समय शौक से अधिक सुरक्षा मायने रख रही है। गाड़ी खरीदने पहुंच रहे लोग बजट न होने पर फाइनेंस का सहारा ले रहे हैं। कोरोना काल से पहले की तुलना में इस समय फाइनेंस कराने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। शोरूम मालिकों की मानें तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी बनाने के लिए लोग गाड़ी खरीद रहे हैं और नकद भुगतान की बजाय फाइनेंस कराना पसंद कर रहे हैं।

ऑनलाइन बुकंग, होम डिलीवरी की भी सुविधा

कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए कंपनियों ने गाडिय़ों की होम डिलीवरी भी शुरू कराई है। वेबसाइट पर गाड़ी को पसंद किया जा सकता है। ऑनलाइन भुगतान का विकल्प भी मौजूद है। शोरूम नहीं जाना चाहते हैं तो होम डिलीवरी का विकल्प चुनिए, गाड़ी घर पहुंचा दी जाएगी। गाडिय़ों की सर्विसिंग भी बड़ी समस्या है। इसका रास्ता भी दो पहिया शोरूम मालिकों की ओर से निकाला गया है। फोन से या आनलाइन गाडिय़ों की सर्विसिंग के लिए बुकिंग की जा सकती है। जब गाड़ी के सर्विसिंग का नंबर आएगा तो बुला लिया जाएगा। एक घंटे में गाड़ी सर्विस होकर वापस मिल जाएगी। इससे कोविड 19 से सुरक्षा भी हो जाती है और ग्राहक को सुविधा भी। चार पहिया गाडिय़ों के शोरूम में भी घर से गाड़ी लाकर सर्विसिंग करने की सुविधा उपलब्ध है।

धनतेरस को लेकर खास इंतजाम

धनतेरस पर आमतौर पर खरीदारों की भीड़ बढऩे का अनुमान रहता है। ऐसे में पहले से बुकिंग कराने व अलग-अलग समय पर डिलीवरी देने की योजना बनाई जा रही है। शोरूम में काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी और लोगों को दिन में अलग-अलग समय बुलाकर गाड़ी दी जाएगी।

गोरखपुर में चार पहिया गाडिय़ों की भी होम डिलीवरी

पहले लखनऊ व अन्य बड़े शहरों में चारपहिया गाडिय़ों को घर तक पहुंचाने की सुविधा थी लेकिन अब गोरखपुर में भी इसे शुरू कर दिया गया है। खरीद ऑनलाइन हो या ऑफ लाइन, गाड़ी को सुरक्षित घर तक पहुंचा दिया जाएगा। बड़े शोरूम की ओर से गाडिय़ों की बुकिंग पर आकर्षक ऑफर देने का काम शुरू हो गया है। शुरुआती कुछ गाडिय़ों पर टीवी, फ्रिज जैसे उपकरण दिए जाएंगे। लोगों को आकर्षित करने के लिए लकी ड्रा भी आयोजित किया जाएगा।

सेकेंड हैंड गाडिय़ों की भी बिक्री बढ़ी

अपनी गाड़ी खरीदने के लिए लोग सेकेंड हैंड गाडिय़ों पर भी भरोसा जता रहे हैं। शहर से बाहर जाने के लिए चारपहिया गाडिय़ों का इंतजाम किया जा रहा है। पुरानी गाडिय़ों का कारोबार करने वाले इमरान हुसैन का कहना है कि जून व जुलाई महीने में खूब मांग आ रही थी। इस समय भी मांग बनी हुई है। लोग डेढ़ से दो लाख तक की गाड़ी पसंद कर रहे हैं।

क्या हैं चुनौतियां

कुछ कंपनियों में आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। कोविड 19 को देखते हुए गाडिय़ों की टेस्ट ड्राइव में परेशानी हो रही है। गाडिय़ों व शोरूम को कई बार सैनिटाइज करना पड़ रहा है। भीड़ बढऩे पर शारीरिक दूरी का पालन कराने में भी परेशानी हो रही है। कारोबारियों ने उम्‍मीद जताई है कि लगन, धनतेरस, नवरात्र में बिक्री बढऩे की संभावना है। समय से ग्राहकों को डिलीवरी दे सकेंगे साथ ही भविष्य में शोरूम नहीं बंद होने की उम्‍मीद है।

गोरखपुर में आटोमोबाइल सेक्टर एक नजर में

रोजाना करीब 175 से 180 दोपहिया गाडिय़ों की बिक्री हो रही है। क्षेत्र में करीब 40 से 45 चारपहिया गाडिय़ों की रोजाना बिक्री जारी है। जिले में दो पहिया व चारपहिया के छोटे-बड़े करीब 70 शोरूम हैं। दोपहिया गाडिय़ों में सर्वाधिक करीब 57 फीसद मार्केट शेयर हीरो कंपनी का ही है। चारपहिया गाडिय़ों में सर्वाधिक करीब 51 फीसद शेयर मारूति का है। कोरोना काल से पहले की तुलना में गाडिय़ों के फाइनेंस में 15 फीसद की वृद्धि हुई है।

क्‍या कहते हैं कारोबारी

राजू जायसवाल का कहना है कि लॉकडाउन के बाद इस सेक्टर में सुधार देखने को मिला है। गाडिय़ों की बिक्री बढ़ी है। धनतेरस व लगन को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। उम्मीद है कि पिछले साल से भी बेहतर स्थिति रहेगी। ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कोरोना से बचाव के सारे उपाय शोरूम में किए जा रहे हैं। वैभव राय कहना है कि इस समय बाजार काफी अच्छा है। पितृपक्ष में बिक्री कुछ प्रभावित हुई थी लेकिन अब प्रतिदिन अच्छी बिक्री है। लगन, नवरात्र व धनतेरस को देखते हुए और तेजी आने की उम्मीद है। फाइनेंस कराने वालों की संख्या बढ़ी है। भविष्य में मांग को देखते हुए एडवांस स्टाक किया जा रहा है। नितिन मातनहेलिया का कहना है कि लॉकडाउन के बाद गाडिय़ों की बिक्री बढ़ी है। आने वाले समय में और सुधार दिखेगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लोग बच रहे हैं, इसलिए अपनी गाड़ी खरीदने पर जोर दे रहे हैं। गाडिय़ों को फाइनेंस कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है। शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए हमारे यहां एक क्लिक पर गाड़ी घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। वसीम अहमद का कहना है कि यदि कहें कि कोविड 19 संक्रमण के चलते आटोमोबाइल सेक्टर में एक बार फिर बूम आ गया है तो गलत नहीं होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से दूरी इसका बड़ा कारण है। लोग मध्य रेंज की गाडिय़ां खरीदने पर अधिक जोर दे रहे हैं। आने वाला समय त्योहरों व लगन का है, ऐसे में बिक्री और बढ़ेगी। इस समय गाडिय़ों के होम डिलीवरी की सुविधा भी शुरू हो गई है। 

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