यूपी में भाजपा के साथ म‍िलकर चुनाव लड़ेगी आरपीआई, सीट बंटवारे को लेकर चल रहा मंथन

RPI President Ramdas Athawale आरपीआइ विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने गोरखपुर में कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत चल रही है।

Pradeep SrivastavaThu, 16 Sep 2021 07:02 AM (IST)
आरपीआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (आरपीआइ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2022 में उनकी पार्टी भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत चल रही है। पार्टी पूरे प्रदेश में 26 सितंबर से बहुजन कल्याण यात्रा निकालेगी। यह यात्रा सहारनपुर से शुरू होगी और सभी मंडल एवं जिलों में होते हुए 18 दिसंबर को लखनऊ पहुंचेगी। लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर पार्क में विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।

दस से बारह सीटें म‍िलने की उम्‍मीद

गोरखपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन के बाद बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाकर उसे नुकसान पहुंचाएंगे। इससे भाजपा को काफी फायदा होगा। बहुजन कल्याण यात्रा के जरिए पार्टी अपनी ताकत दिखाएगी। हमें उम्मीद है कि इसके बाद हमें 10 से 12 सीटें मिलनी चाहिए। प्रयास होगा कि अनुसूचित जाति एवं मुस्लिम बहुल सीटों पर हमारे प्रत्याशी लड़ाए जाएं। आठवले ने कहा कि गोरखपुर में हुई सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में गुंडाराज खत्म हुआ है। सभी वर्गों के हित में काम किया गया है।

इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी पार्टी

कोरोना पर नियंत्रण के लिए इस प्रदेश में किए गए कार्यों को खूब सराहना मिली है। उन्होंने कहा कि पार्टी शासन से मांग करेगी कि गांवों में जिन परिवारों के पास जमीन न हो, उन्हें पांच-पांच एकड़ जमीन दी जाए। इसके लिए सरकारी जमीन का उपयोग किया जाए। सरकारी जमीन न हो तो लोगों से जमीन क्रय कर आवंटित किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और लोगों को शहर की ओर पलायित होने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। आरपीआइ का उद्देश्य समाज के समाज को जोड़ने का है।

मुस्‍लिमों के खिलाफ नहीं हैं पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आम लोगों के हित में कई योजनाएं चलायी जा रही हैं और उससे लोगों को काफी फायदा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिमों के खिलाफ नहीं हैं। उनकी सरकार ने इस वर्ग के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने कहा कि इस बार भी वह राज्यसभा सदस्य हैं। आरपीआइ का कोई और सांसद नहीं है इसके बावजूद उन्हें मंत्री बनाया गया है। जो मंत्रालय मिला है वह 80 फीसद आबादी से जुड़ा है।

अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने की जरूरत बताते हुए आठवले ने कहा कि अभी तक देश में करीब 1.25 लाख अंतरजातीय विवाह हो चुके हैं। किसान आंदोलन पर बात रखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के विरोधी नहीं हैं। आंदोलन कर रहे लोग तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं यह आसान नहीं है। उनसे पूछा जा रहा है कि क्या बदलाव किए जा सकते हैं तो वे कोई जवाब नहीं दे रहे। अभी भी 80 फीसद किसान सरकार के साथ हैं।

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