गोरखपुर में पुराने वाहनों की फिटनेस जांच पर रोक, जानें-क्‍या है असली वजह

अधिकारियों के निर्देशन में वाहन फिटनेस जांच की फाइल फोटो।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्याम लाल के अनुसार एचएसआरपी की रसीद लाने पर ही फिटनेस जांच के अलावा पुन पंजीयन स्थानांतरण और बीमा आदि पुराने वाहनों के अभिलेखों से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। अन्‍यथा जांच नहीं होगी।

Satish chand shuklaFri, 26 Feb 2021 04:05 PM (IST)

 गोरखपुर, जेएनएन। पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में एचएसआरपी की रसीद के बिना वाहनों की फिटनेस जांच पर रोक लगा दी गई है। अभिलेखों से संबंधित कार्य भी बंद कर दिए गए हैं। निर्धारित समय पर एचएसआरपी न लगने पर वाहनों का चालान कटेगा। पांच हजार रुपये तक का जुर्माना भी वसूला जाएगा।

एचएसआरपी की रसीद लाने पर ही होगी जांच

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्याम लाल के अनुसार एचएसआरपी की रसीद लाने पर ही फिटनेस जांच के अलावा पुन: पंजीयन, स्थानांतरण और बीमा आदि पुराने वाहनों के अभिलेखों से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। एचएसआरपी लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। दरअसल, शासन ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर एचएसआरपी लगवाने के लिए 15 जुलाई 2021 से 15 जुलाई 2022 तक अलग- अलग समय निर्धारित कर दिया है। वाहन स्वामियों को निर्धारित समय में हर हाल में एचएसआरपी लगवाना होगा। इसके लिए शासन ने सियाम वेबसाइट और सियाम एप भी अधिकृत कर दिया है। सियाम पर आनलाइन आवेदन ही मान्य हैं। समस्याओं का समाधान और सहायता के लिए हेल्पलाइन भी जारी कर दिया है। अतिरिक्त शुल्क देने पर एचएसआरपी घर तक पहुंच जाएगी। 

रोडवेज की बसों पर भी एचएसआरपी अनिवार्य

शासन ने रोडवेज की बसों पर भी एचएसआरपी अनिवार्य कर दिया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी के अनुसार शासन का दिशा-निर्देश मिल गया है। 15 अप्रैल तक सभी बसों पर एचएसआरपी लगा दी जाएगी। गोरखपुर परिक्षेत्र में जल्द ही एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

गोरखपुर में भी बनेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट

पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने को लेकर लोग जागरूक होने लगे हैं। लोड के चलते सियाम वेबसाइट व एप पर कुछ वाहनों के आवेदन ही नहीं हो पा रहे। जानकारों के अनुसार लखनऊ स्थित मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी मांग के अनुसार प्लेट मुहैया नहीं करा पा रही। ऐसे में लखनऊ के अलावा गोरखपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी प्लेट बनाई जाएगी। ताकि, निर्धारित समय में वाहनों पर नंबर प्लेट लगाई जा सके। 

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