गोरखपुर नगर निगम में आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर वसूली, एक युवक पकड़ाया

सोमवार को नगर आयुक्त से मुलाकात कर आयुष्मान योजना का कार्ड बनाने के नाम पर वसूली की शिकायत की थी। बताया था कि जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से पटरी व्यवसायियों की सूचना कम्प्यूटर में दर्ज करने वाले कुछ युवक 50-100 रुपये वसूल रहे हैं।

Satish Chand ShuklaMon, 14 Jun 2021 06:01 PM (IST)
नगर आयुक्‍त को ज्ञापन देते पार्षद, सौ.पार्षद।

गोरखपुर, जेएनएन। नगर निगम के गेस्ट हाउस में आयुष्मान योजना का कार्ड बनाने के नाम पर वसूली का सोमवार को पर्दाफाश हुआ। पार्षदों ने वसूली की शिकायत की तो नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने प्रवर्तन बल को छापा मारने के लिए भेज दिया। प्रवर्तन बल ने एक युवक को पकड़ा तो बाकी भाग निकले। युवक एक महिला का आधारकार्ड और फोटो ले चुका था। युवक डाटा इंट्री करने वाली एजेंसी से जुड़ा है।

पार्षद अशोक यादव, शहाब अंसारी, संजय यादव, रामलवट निषाद, रमेश यादव, रामजनम यादव आदि ने सोमवार को नगर आयुक्त से मुलाकात कर आयुष्मान योजना का कार्ड बनाने के नाम पर वसूली की शिकायत की थी। बताया था कि जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से पटरी व्यवसायियों की सूचना कम्प्यूटर में दर्ज करने वाले कुछ युवक 50-100 रुपये वसूल रहे हैं। नगर आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया।

उन्होंने प्रवर्तन बल के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह से बात कर गेस्ट हाउस में वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। कर्नल सीपी सिंह ने तीन जवानों को भेजा। जैसे ही युवक ने महिला से आधारकार्ड की फोटोकापी और फोटो ली, जवानों ने उसे पकड़ लिया।

ऐसे बना रहे शिकार

कोरोना की पहली लहर में केंद्र सरकार ने लाकडाउन लगाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटरी व्यवसायियों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की थी। इसके तहत पटरी व्यवसायियों को बिना ब्याज दस हजार रुपये ऋण देने की शुरुआत की गई थी। पिछले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना कर्फ्यू के कारण पटरी व्यवसायियों को एक हजार रुपये देने की घोषणा की। वसूली करने वालों के पास योजना का लाभ लेने या आवेदन करने वालों का मोबाइल नंबर के साथ पूरा ब्योरा है। मोबाइल नंबर पर फोन कर नगर निगम के गेस्ट हाउस बुलाकर 50 रुपये लिए जाते हैं। रुपये नगर निगम परिसर में लिए जा रहे हैं इसलिए कोई शक नहीं करता।

एजेंसी के कर्मचारी ने बचाने की कोशिश

प्रवर्तन बल के जवानों ने जब युवक को पकड़ा तो उसे बचाने के लिए एजेंसी का एक कर्मचारी आ गया। वह प्रवर्तन बल के जवानों को सफाई देने में जुट गया कि आधारकार्ड व फोटो डाटा फीड करने के लिए मांगा गया है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह का कहना है कि आयुष्मान कार्ड के नाम पर रुपये लेने की शिकायत मिली तो छापा मारने के लिए टीम भेजा। एक युवक से पूछताछ हुई है। नगर निगम में भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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