लाल निशान से नीचे आया राप्ती नदी, अब जलस्तर बढ़ने की संभावना

राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है। रात करीब नौ बजे नदी का जलस्तर 74.85 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे बह रही है लेकिन भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।

Rahul SrivastavaFri, 17 Sep 2021 04:18 PM (IST)
खतरे के निशान से नीचे आई राप्ती नदी। फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है। रात करीब नौ बजे नदी का जलस्तर 74.85 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे बह रही है लेकिन भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जिले में अब तक 124 गांव बाढ़ से मुक्त हो चुके हैं और लोग घर लौटने लगे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।

रोहिन नदी का जलस्तर रिकार्ड किया गया 79.03 मीटर

शाम चार बजे रोहिन नदी का जलस्तर 79.03 मीटर रिकार्ड किया गया। यह नदी अब सामान्य स्थिति में पहुंच रही है। सरयू नदी का जलस्तर 92.50 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी यहां खतरे के निशान से नीचे है लेकिन जलस्तर बढ़ रहा है।

तुर्तीपार में नदी उतार पर

तुर्तीपार में यह नदी उतार पर है और जलस्तर 64.18 मीटर रिकार्ड किया गया। यह जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर ऊपर है। गोर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर रह गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अब केवल 267 गांव प्रभावित रह गए हैं। आवागमन की सुविधा के लिए 214 नाव लगाई गई है। अब तक 98642 खाद्यान्न राहत किट का वितरण किया जा चुका है और अभी भी वितरण जारी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दौरा कर रही है स्वास्थ्य विभाग की टीम

एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम दौरा कर रही है। वहां क्लोरीन की गोलियों एवं अन्य दवाओं का वितरण किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए 475 मेडिकल टीम लगाई गई है। पशुओं के इलाज के लिए 179 शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राहत खाद्यान्न किट वितरण का काम अभी जारी रहेगा। सभी जरूरतमंद तक सहायता पहुंचायी जाएगी। नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है।

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