गोरखपुर-बस्ती मंडल के 13 कस्तूरबा स्कूलों की गिरी रैंकिंग

गोरखपुर मंडल में गोरखपुर के भटहट व खोराबार कुशीनगर के पडरौना व मोतीचक देवरिया के बैतालपुर बस्ती मंडल में बस्ती के बभनान व विक्रमजोत संत कबीर नगर के बघौली व मेंहदावल तथा सिद्धार्थनगर के बर्डपुर खेसरहा बढ़नी व नौगढ़ कस्तूरबा विद्यालय डी ग्रेड में हैं।

Navneet Prakash TripathiSun, 05 Dec 2021 01:04 PM (IST)
गोरखपुर-बस्ती मंडल के 13 कस्तूरबा स्कूलों की गिरी रैंकिंग। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। तमाम प्रयासों के बाद गोरखपुर-बस्ती मंडल के 13 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की रैंकिंग में गिरावट आई है। ये सभी विद्यालय डी श्रेणी में पहुंच गए हैं। गोरखपुर मंडल में गोरखपुर के भटहट व खोराबार, कुशीनगर के पडरौना व मोतीचक, देवरिया के बैतालपुर, बस्ती मंडल में बस्ती के बभनान व विक्रमजोत, संत कबीर नगर के बघौली व मेंहदावल तथा सिद्धार्थनगर के बर्डपुर, खेसरहा, बढ़नी व नौगढ़ कस्तूरबा विद्यालय डी ग्रेड में हैं। इसको लेकर शासन ने बीएसए पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र सुधार के निर्देश दिए हैं।

शासन ने लागू की है ग्रेडिंग प्रणाली

शासन ने विद्यालयों में सुधार के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू की है। विद्यालयों की ग्रेडिंग करते समय अवस्थापना सुविधा पर 50 प्रतिशत, स्टाफ उपस्थिति पर 25 प्रतिशत, छात्राओं के अधिगम स्तर पर 25 प्रतिशत वेटेज अंक निर्धारित हैं। इसके लिए चार ग्रेड तय किए गए हैं। ए को उत्तम, बी को सामान्य एवं सी व डी ग्रेड के स्कूलों को बदतर स्थिति माना गया है। इसके तहत 75 से 100 अंक प्राप्त होने पर ए ग्रेड, 51 से 75 अंक प्राप्त होने पर बी ग्रेड, 26 से 50 अंक प्राप्त होने पर सी एवं 25 एवं 25 से कम अंक प्राप्त होने पर डी ग्रेड प्रदान किया जाता है।

नियमित फीडिंग न होने से गिरी रैंकिंग

बालिका शिक्षा के जिला समन्‍वयक डा. ज्ञान प्रकाश सिंह का कहना है कि अवस्थापना के साथ ही शिक्षकों तथा कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर प्रतिदिन फीडिंग की जाती है। कस्तूरबा विद्यालय की वार्डेन कभी-कभी जगरूकता के अभाव में यह कार्य नहीं कर पाती हैं। इसी की वजह से इन स्कूलों की ग्रेडिंग को कम हुई है। जल्द ही इसमें सुधार किया जाएगा।

पठन-पाठन में शिथिलता बर्दाश्‍त नहीं

बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जनपद के कस्तूरबा विद्यालयों में पठन-पाठन व अन्य व्यवस्थाओं में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार निरीक्षण करवाकर इन विद्यालयों की स्थितियों में सुधार किया जाएगा। जल्द ही अन्य विद्यालयों की तरह इनकी भी व्यवस्था ठीक हो जाएगी।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.