क्‍यों नाराज हैं रेलवे के कर्मचारी नेता, जानिये यह है वजह Gorakhpur News

भारतीय रेल के संबंध में प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो।

इंटिग्रेटेड पेरोल एकाउंटिंग सिस्टम की व्यवस्था अचानक बंद हो जाने से रेलकर्मियों में आक्रोश है। उनकी परेशानी बढ़ गई है। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) लेखा शाखा ने बैठक कर विरोध भी जताया।

Publish Date:Thu, 21 Jan 2021 02:05 PM (IST) Author: Satish chand shukla

गोरखपुर, जेएनएन। आइ पास (इंटिग्रेटेड पेरोल एकाउंटिंग सिस्टम) की व्यवस्था अचानक बंद हो जाने से रेलकर्मियों में आक्रोश है। उनकी परेशानी बढ़ गई है। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) लेखा शाखा ने बैठक कर विरोध जताया। पदाधिकारियों ने रेलवे प्रशासन पर बिना सूचना के ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएसद) को अपडेट किए बना पुरानी व्यवस्था आइ पास को बंद करने का आरोप लगाया। साथ ही जबतक एचआरएमएस सिस्टम अपडेट नहीं हो जाता, तबतक आइपास को चालू रखने की मांग की।

13 जनवरी से ही नहीं हो पा रही पीएफ की निकासी

यूनियन के संयुक्त महामंत्री नवीन कुमार मिश्र ने कहा कि 13 जनवरी से ही आइ पास की व्यवस्था बंद है। इसके चलते कर्मचारी पीएफ नहीं निकाल पा रहे। सैकड़ों कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आइपास पर वेतन, पीएफ और पेंशन आदि से संबंधित सभी कार्य संपादित होते हैं। अब रेलवे प्रशासन एचआरएमएस के आनलाइन सिस्टम पर पीएफ आदि की निकासी का दबाव बना रहा है। जबकि, एचआरएमएस पर सभी कर्मचारियों का विवरण दर्ज नहीं है। यह पूरी तरह अपडेट भी नहीं है। बैठक में सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव, शमशाद अहमद, केएनपी ङ्क्षसह, मुंशी और मोहन ङ्क्षसह आदि मौजूद थे।

पीसीईई दफ्तर पर नरमू का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर दफ्तर (पीसीईई) परिसर में प्रदर्शन किया। नेतृत्व कर रहे यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए पीसीईई को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। महामंत्री ने विभागों के विलय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में बोर्ड के दिशा-निर्देशों के विपरीत कार्य हो रहा है। उन्होंने एसी कोच के गेट से कर्मियों का नाम हटाने, विद्युत विभाग में तैनात कर्मियों को  पदोन्नति देने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने की मांग की। इस मौके पर एमआर खान, अशोक त्रिपाठी, हेमंत शर्मा, विनय कुमार श्रीवास्तव और संजय मालवीय आदि पदाधिकारी मौजूद थे।

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