Pushpa murder case: नहीं हुई शूटरों की पहचान, पुलिस परेशान- अन्‍य जिलों से संपर्क कर रही पुलिस

बड़हलगंज के सिधुआपार निवासिनी पुष्पा हत्याकांड के शूटरों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि शूटर ने बेहद नजदीक से पुष्पा को गोली मारी थी। शूटर पुराने हैं। हत्या में सिर्फ एक ही गोली का इस्मेमाल किया है।

Navneet Prakash TripathiThu, 25 Nov 2021 12:48 PM (IST)
बदमाशों के हमले में मारी गई पुष्‍पा देवी। फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बड़हलगंज के सिधुआपार निवासिनी पुष्पा हत्याकांड के शूटरों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि शूटर ने बेहद नजदीक से पुष्पा को गोली मारी थी। शूटर पुराने हैं। हत्या में सिर्फ एक ही गोली का इस्मेमाल किया है। मृतका के मोबाइल नंबरों की अभी तक सीडीआर नहीं निकाली जा सकी है। पुलिस को उम्मीद है कि सीडीआर से भी पुलिस को कुछ सफलता मिल सकती है।

22 नवंबर को मारी गई थी गोली

22 नवंबर को पुष्पा यादव की घर में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मौके से भागते हुए बाइक सवार बदमाशों की फोटो सीसीटीवी में कैद हो गई थी। पुलिस बाइक की कंपनी व कलर के आधार पर भी शूटरों की तलाश में जुटी है। बाइक की नंबर प्लेट पर नंबर स्पष्ट नहीं हो रहे हैं।

शूटरों की तलाश के लिए इन जिलों के संपर्क में है पुलिस

सीसीटीवी फुटेज से ली गई शूटरों की फोटो पुलिस ने मऊ, आजमगढ़, देवरिया, संतकबीर नगर, आंबेडकरनगर, सिद्धार्थनगर आदि जिलों में भेजी है। क्राइम ब्रांच की टीम भी बदमाशों की पहचान कराने में जुटी है। तीन दिनों में पुलिस करीब आधा दर्जन लोगों को थाने लाकर पूछताछ कर चुकी है। एसपी साउथ एके ङ्क्षसह का कहना है कि शूटरों की तलाश की जा रही है। टीमें जगह-जगह छापामारी भी कर रही हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी।

फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप, एसपी से मिला अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल

अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल 24 नवंबर को बांसगांव थाने पर एसपी साउथ एके सिंह से मिला। आरोप लगाया कि बांसगांव में दुकानदार अशोक गुप्ता की हत्या में अधिवक्ता के भाई को फर्जी ढंग से आरोपित बनाया गया है। सिविल बार एसोसिएशन बांसगांव के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार शुक्ला के नेतृत्व में पहुंचे अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी साउथ से कहा कि हत्या की इस घटना में अधिवक्ता कौशलेन्द्र कुमार सिंह के भाई राघवेन्द्र सिंह को फर्जी ढंग से फंसाया जा रहा है। उनका नाम केस से हटाया जाए।

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