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बाजार से गायब हुए पल्स आक्सीमीटर व ब्रांडेड कंपनियों के मास्क, इन सामानों की भी हो रही ब्‍लैक मार्केटिंग

बाजार से इस समय पल्‍स आक्सीमीटर गायब हो गए हैं। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

एक सप्ताह पहले पल्स आक्सीमीटर पूरी तरह गायब था लेकिन अब आना शुरू हो गया है। लेकिन अब भी पर्याप्त मात्रा में कंपनियां आपूर्ति नहीं कर रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि एयरपोर्ट बंद होने से विदेश से सामान नहीं आ पा रहे हैं।

Pradeep SrivastavaTue, 11 May 2021 11:40 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। दवा की थोक मंडी भालोटिया मार्केट से कोरोना संकट काल में जरूरत के अनेक सामान गायब हो चुके हैं। इनमें सबसे महत्पूर्ण बाईपैप (मिनी वेंटीलेटर) है, जो 20-25 दिन से बाजार में नहीं है। पल्स आक्सीमीटर की मांग सबसे ज्यादा है लेकिन यह सभी को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। व्यापारी बताते हैं कि दो हजार की मांग भेजी जा रही है तो 100 से 500 की संख्या में ही कंपनियां भेज रही हैं। कोरोना में उपयोग होने वाली ब्रांडेड कंपनियों की अनेक दवाएं व मास्क भी खत्म हो गया है।

बाईपैप गायब, तीन गुना महंगे दाम पर मिल रहा आक्सीजन सिलेंडर का रेगुलेटर

एक सप्ताह पहले पल्स आक्सीमीटर पूरी तरह गायब था लेकिन अब आना शुरू हो गया है। लेकिन अब भी पर्याप्त मात्रा में कंपनियां आपूर्ति नहीं कर रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि एयरपोर्ट बंद होने से विदेश से सामान नहीं आ पा रहे हैं, इस वजह से बाजार में किल्लत बनी हुई है। वे उम्मीद जता रहे हैं कि 14 मई के बाद मांग के सापेक्ष चीजें मिलने लगेंगी। ओटी व के 95 मास्क लोकल कंपिनयों के बाजार में उपलब्ध हैं। अच्छी कंपनियां पर्याप्त मात्रा में मास्क नहीं भेज रही हैं। 

दाे हजार की मांग पर 100 से 500 की संख्या में मिल रहे पल्स आक्सीमीटर

खासकर चौड़ी पट्टी वाले मास्क की मांग बहुत ज्यादा है, लेकिन वह किसी दुकान पर उपलब्ध नहीं है। दवाओं में ब्रांडेड कंपिनयों की एंटीबायोटिक, स्टेरायड, नेबूलाइजर व कफ सिरप भलोटिया में पहुंचा नहीं पा रहे हैं। इस वजह से मेडिकल स्टोरों पर इनकी कमी बनी हुई है। हालांकि इन दवाओं के विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। डाक्टरों की सलाह पर लोग लोकल कंपनियों की दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। आक्सीजन सिलेंडर के रेगुलेटर लगभग गायब हैं। जिस दुकान पर हैं, दुकानदार मनमाना रेट वसूल रहे हैं। आम दिनों में 1500-2000 में मिलने वाला रेगुलेटर इस समय छह से आठ हजार रुपये में बेचा जा रहा है।

ब्रांडेड कंपिनयों के सामान पर्याप्त मात्रा में आ नहीं पा रहे हैं। दो सौ पीस आक्सीमीटर की मांग भेजी जा रही है तो कोई कपंनी 10 व कोई 50 भेज रही है। अच्छी गुणवत्ता के मास्क की भी यही स्थिति है। - रोहित त्रेहन, सर्जिकल सामान के थोक व्यापारी

बाईपैप तो लगभग 25 दिन से खत्म है। एक माह पहले से मांग भेजी गई है लेकिन आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है। कंपनियों के अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं कि 14 मई के बाद चीजें पर्याप्त मिलने लगेंगी। - राजर्षि बंसल, सर्जिकल सामान के थोक व्यापारी।

ब्रांडेड कंपनियों की अनेक दवाएं बाजार से गायब हो चुकी हैं, जिनका कोरोना में इस्तेमाल किया जाता है। व्यापारियों ने मांग भेज रखी है। कंपनियों से बात की जा रही है। शीघ्र ही उपलब्ध होने की संभावना है। - आलोक चौरसिया, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति। 

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