छह घंटे चलकर बंद हुआ खाद कारखाना, अब 45 द‍िन बाद फ‍िर शुरू होगा उत्‍पादन

Gorakhpur Fertilizer Factory Started पीएम मोदी ने बटन दबाया और छह घंटे तक लगातार युर‍िया बनती रही। इसके के बाद संयंत्रों को देर रात तक एक-एक कर बंद किया जाता रहा। अब 45 दिन तक संयंत्रों की जांच होगी और इसके बाद व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा।

Pradeep SrivastavaWed, 08 Dec 2021 12:02 PM (IST)
गोरखपुर खाद कारखाना से बनती युर‍िया। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभारंभ किया तो छह घंटे लगातार हिन्‍दुस्‍तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) का खाद कारखाना चला। जैसे ही पीएम ने शुभारंभ के लिए बटन दबाया खाद कारखाना के प्रिलिंग टावर के ऊपर से तेजी से निकलते भाप से बता दिया कि नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन शुरू हो गया है। छह घंटे चलाने के बाद संयंत्रों को देर रात तक एक-एक कर बंद किया जाता रहा। अब 45 दिन तक पूरे खाद कारखाना के संयंत्रों की जांच होगी और इसके बाद व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा।

प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर एचयूआरएल प्रबंधन ने तीन दिसंबर को खाद कारखाना का ट्रायल किया था। ट्रायल में सभी संयंत्र सफलतापूर्वक चले और पांच सौ टन से ज्यादा नीम कोटेड यूरिया बनाकर इसे बोरियों में पैक किया गया। इसके बाद से यूरिया बनाने का काम रुक-रुक कर जारी था। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने शुभारंभ किया तो संयंत्रों की गति तेज कर दी गई।

बेल्ट से होते हुए बोरियों में पहुंची यूरिया

खाद कारखाना में तरल पदार्थ के रूप में यूरिया प्रिलिंग टावर के ऊपरी हिस्से में पहुंचाई गई। यहां से 149.2 मीटर की ऊंचाई से यूरिया को जाली से नीचे गिराया गया। नीचे यूरिया दाने के रूप में गिरती गई और इसे मशीन से उठाकर बेल्ट पर गिराया गया। बेल्ट पर ही नीम के तेल का छिड़काव लगातार होता रहा। यहां से यूरिया तकरीबन एक किलोमीटर दूर पैकिंग प्लांट में पहुंची और बोरियों में पैक हुई।

फरवरी से रोजाना होगा 3850 टन का उत्पादन

खाद कारखाना में फरवरी 2022 से रोजाना 3850 टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। एक बार कारखाना शुरू हो जाएगा तो यहां से लगातार उत्पादन जारी रहेगा। फिर संयंत्र को बंद नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने जानी खाद कारखाना की विकास यात्रा

खाद कारखाना, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एवं क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) के नौ प्रयोगशालाओं का लोकार्पण करने आए प्रधानमंत्री ने परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में माडलों के जरिए खाद कारखाना, एम्स एवं आरएमआरसी के प्रयोगशालाओं की विकास यात्रा के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

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