गोरखपुर में ब्लैक फंगस की दवा पांच गुना दाम पर बेचते पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा, मुकदमा दर्ज

ब्लैक फंगस की दवा की ब्लैक मार्केटिंग करते पकड़े गए दवा व्यापारी। - जागरण

गोरखपुर में ब्लैक फंगस की दवा एंफोनेक्स की कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है। 37 सौ रुपये के इंजेक्शन काे 19 हजार रुपये में बेचने वाले दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके सिंडिकेट से जुड़े बाकी लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

Pradeep SrivastavaWed, 19 May 2021 07:30 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। ब्लैक फंगस की दवा एंफोनेक्स की कालाबाजारी करने वाला दवा दुकानदार और कंपनी के एरिया मैनेजर जिला प्रशासन के बिछाए जाल में मंगलवार को फंस गए। 3700 के इंजेक्शन काे 19 हजार रुपये में बेचने वाले दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके सिंडिकेट से जुड़े बाकी लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने आरेापितों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी है। आवश्यक वस्तु अधिनियम व जालसाजी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।

3700 के एंफोनेक्स इंजेक्शन काे 19 हजार में बेचा, ड्रग विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा

दवा की थोक मंडी भालोटिया मार्केट स्थित अंश मेडिकल एजेंसी के संचालक अमित जायसवाल व नेक्सावेलनेस कंपनी के एरिया मैनेजर गजेंद्र पांडेय कई दिन से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन एंफोनेक्स की कालाबाजारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने कालाबाजारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। उन्होंने अपने पेशकार को ग्राहकर बनाकर आरोपित की दुकान पर भेजा। सौदा तय होने के बाद दुकानदार, ग्राहक को लेकर गोलघर स्थिति काली मंदिर पहुंचा।

राप्ती नगर फेज-4 निवासी व नेक्सावेलनेस कंपनी का एरिया मैनेजर गजेंद्र पांडेय वहां दवा लेकर आया। जैसे ही आरोपितों ने 19 हजार रुपये लेकर इंजेक्शन दिया जिला प्रशासन व ड्रग विभाग की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। प्रशासन की टीम ने दोनों आरोपितों को कैंट पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पूछने पर पता चला कि दवा का वास्तविक मूल्य 3686.49 रुपये है।

दुकान सील

आरोपितों को पकड़ने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने आरोपित दवा व्यापारी की दुकान का निरीक्षण किया। दुकान पर एंफोनेक्स दवा नहीं मिली। लेकिन कालाबाजारी में दुकानदार के लिप्त पाए जाने पर उन्होंने दुकान सील कर दी।

तलाशी जा रही चेन

पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन व ड्रग विभाग की टीम आरोपितों से पूछताछ के आधार पर कालाबाजारी की चेन तलाशने में जुटी है। दवा कहां से आई। किसके माध्यम से अभी तक कितने लोगों को बेची गई है। इस खेल में कितने लोग शामिल हैं। टीम इस पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश में लगी है।

दवा समितियों ने भी किया विरोध

दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया व केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने कहा कि एसोसिएशन किसी भी गलत काम करने वाले दवा व्यापारी के साथ नहीं है। ऐसे लोगाें को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

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