प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज पूरा करेंगे पूर्वांचल का सपना, खाद कारखाना व एम्स समेत 9650 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात

PM Modi Gorakhpur visit today पीएम नरेन्‍द्र मोदी मंगलवार को 9650 करोड़ की लागत से बने खाद कारखाना एम्स और आरएमआरसी की नौ बीएसल-टू प्लस लैब का लोकार्पण करेंगे। खाद कारखाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बटन दबाएंगे और 31 साल बाद गोरखपुर में फिर से यूरिया बनने लगेगा।

Pradeep SrivastavaTue, 07 Dec 2021 07:02 AM (IST)
पीएम नरेन्‍द्र मोदी मंगलवार को पूर्वांचल को खाद कारखाना व एम्‍स की सौगात देंगे। - फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। PM Modi Gorakhpur visit today: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पूर्वांचल का बहु प्रतीक्षित सपना पूरा करेंगे। वह यहां 9650 करोड़ की लागत से बने खाद कारखाने, एम्स और आरएमआरसी की नौ बीएसल-टू प्लस लैब का लोकार्पण करेंगे। खाद कारखाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बटन दबाएंगे और साढ़े 31 साल बाद गोरखपुर में फिर से यूरिया का उत्पादन होने लगेगा। इस कारखाने को शुरू कराने के लिए सांसद के रूप में लगातार संघर्ष करने वाले योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री उनके साथ होंगे। 8606 करोड़ रुपये की लागत वाले हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के इस कारखाने में प्रति वर्ष 12.7 लाख टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा। इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।

साढ़े 31 साल बाद गोरखपुर में फिर बनेगी खाद, योगी आदित्यनाथ ने किया था लंबा संघर्ष

गोरखपुर में फर्टिलाइजर के नाम से मशहूर खाद कारखाना 20 अप्रैल, 1968 को शुरू हुआ था। फर्टिलाइजर कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के अधीन इस कारखाने की क्षमता प्रति वर्ष साढ़े तीन लाख टन साधारण यूरिया उत्पादन की थी। अमोनिया रिसाव होने और मशीनें न बदले जाने के कारण यह कारखाना 10 जून, 1990 को बंद कर दिया गया। खाद कारखाना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 साल तक संघर्ष किया और लगभग हर सत्र में इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया। उनके प्रयासों को आकार मिला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जुलाई, 2016 को खाद कारखाने का शिलान्यास किया। 2018 में निर्माण शुरू होने के बाद अब खाद कारखाना बनकर तैयार है। नीम कोटेड यूरिया से फसल उत्पादन में होने वाली बढ़ोतरी किसानों को समृद्ध करेगी, वहीं लगभग 20 हजार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर देकर नौजवानों के जीवन में खुशहाली भी लाएगी। इस खाद कारखाने से उत्तर प्रदेश के साथ पड़ोसी राज्यों को भी उवर्रक की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही खाद का आयात भी घटेगा।

एम्स के साथ नौ बायोसेफ्टी लेवल टू प्लस लैब का भी होगा लोकार्पण, आसान होगी वायरस की जांच

खाद कारखाने के साथ ही प्रधानमंत्री 1011 करोड़ रुपये से बने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और 36 करोड़ की लागत वाली क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) की नौ बायोसेफ्टी लेवल (बीएसएल) टू प्लस लैब भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 750 बेड और 14 आपरेशन थियेटर वाले एम्स से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ बिहार और नेपाल के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, वहीं बायो सेफ्टी लैब विभिन्न प्रकार के वायरस की जांच करने में मददगार बनेगी।

खाद कारखाना और एम्‍स

600 एकड़ में फैला है खाद कारखाना, 112 एकड़ में एम्स

8606 करोड़ रुपये से बना खाद कारखाना, 1011 करोड़ से एम्स

3850 टन नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन रोज होगा

750 बेड और 14 आपरेशन थियेटर का होगा एम्स।

प्रदर्शनी में जानेंगे कारखाने का इतिहास

प्रधानमंत्री मंगलवार की दोपहर विशेष विमान से गोरखपुर एयरपोर्ट और वहां से वायुसेना के हेलीकाप्टर से खाद कारखाना परिसर में बने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के हेलीपैड पर पहुंचेंगे। सड़क मार्ग से जनसभा स्थल पर पहुंचकर वह मंच के पीछे बनाए गए प्रदर्शनी हाल में खाद कारखाने का माडल देखेंगे और पूर्ववर्ती व्यवस्था से लेकर अभी तक हुए कार्य के बारे में जानेंगे।

सबको याद है सांसद योगी का संघर्ष

शिलान्यास से लेकर निरीक्षण तक यहां आए केंद्रीय नेताओं ने खाद कारखाने का श्रेय योगी आदित्यनाथ को ही दिया है। चार मार्च, 2021 को निरीक्षण करने आए तत्कालीन केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा था कि गोरखपुर में खाद कारखाना स्थापित करने की पहल सांसद के रूप में योगी आदित्यनाथ ने ही की थी और सीएम बनकर इसे पूरा कराया। खाद कारखाने से जुड़ी हर मांग स्वीकार की। कोरोना संक्रमण से एक साल तक प्रभावित रहने के बाद भी समयबद्ध तरीके से निर्माण जारी रखा। 25 अक्टूबर को आए वर्तमान केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने भी मुख्यमंत्री की तारीफ की थी।

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