गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी बनेगा पिंक टायलेट, महाविद्यालयों को भी देंगे निर्देश

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह।

वैसे तो विश्वविद्यालय के सभी संकायों में छात्राओं के लिए छात्रों से अलग शौचालय का इंतजाम है। पर दिक्कत यह है कि अधिकतर महिला शौचालय छात्र शौचालय के साथ ही बनाए गए हैं। ऐसे में छात्राओं के सामने सुरक्षा की समस्या हमेशा बनी रहती है।

Satish chand shuklaSat, 27 Feb 2021 12:51 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। परिसर में छात्राओं को सुरक्षित करने के क्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने परिसर में पिंक टायलेट बनवाने का निर्णय लिया है, जिससे छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। विश्वविद्यालय ने यह फैसला दैनिक जागरण की पहल पर लिया है। जागरण ने शुक्रवार के अंक में इसकी जरूरत को लेकर विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं से बातचीत प्रकाशित की थी। बातचीत में छात्राओं ने सुरक्षा के लिए एकस्वर से परिसर में पिंक टायलेट की मांग उठाई थी। शौचालय तो बने हैं पर सुरक्षा नहीं

वैसे तो विश्वविद्यालय के सभी संकायों में छात्राओं के लिए छात्रों से अलग शौचालय का इंतजाम है। पर दिक्कत यह है कि अधिकतर महिला शौचालय छात्र शौचालय के साथ ही बनाए गए हैं। ऐसे में छात्राओं के सामने सुरक्षा की समस्या हमेशा बनी रहती है। अपना शौचालय खाली न होने पर छात्र कई बार छात्राओं का शौचालय इस्तेमाल कर लेते हैं। कई बार कुछ अराजक किस्म के छात्र शैतानी की नीयत से भी छात्राओं शौचालय में चले जाते हैं। जागरण टीम ने जब इसे लेकर छात्राओं से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान तभी होगा, जब विश्वविद्यालय में पिंक टायलेट बना दिया जाएगा। पिंक टायलेट का इस्तेमाल करने से छात्र हिचकेंगे। यदि कोई बद्तमीजी की नीयत से उस टायलेट में जाएगा तो उसे चिन्हित कर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा। सेनेटरी पैड के निस्तारण की समस्या के समाधान के लिए भी छात्राओं ने पिंक टायलेट की जरूरत बताई थी। उनका कहना था कि पिंक टायलेट में यह व्यवस्था भी होती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने जागरण में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते परिसर में पिंट टायलेट के निर्माण पर गंभीरता से विचार करने का निर्णय लिया है। बहुत जल्द इसे लेकर एक बैठक आयोजित की जाएगी।

पिंक टायलेट के लिए महाविद्यालयों को भी दिशा-निर्देश देगा विवि

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने परिसर में तो पिंक टायलेट बनवाने का निर्णय लिया ही है। इसे लेकर बहुत जल्द वह उन महाविद्यालयों को भी दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है, जो उससे सम्बद्ध हैं। यह दिशा-निर्देश उन्हीं महाविद्यालयों को जारी किए जाएंगे, जहां छात्र व छात्रा साथ पढ़ते हैं। कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर उनकी हर मांग हमारे लिए महत्वपूर्ण है। अगर छात्राओं की सुरक्षा के लिए पिंक टायलेट जरूरी है तो बहुत जल्द परिसर में इसका निर्माण कराया जाएगा। इसे लेकर जल्द एक आवश्यक बैठक बुलाई जाएगी। को-एजुकेशन वाले महाविद्यालयों में पिंक टालयेट के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का निर्णय भी लिया गया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.