India Nepal border: भारत के इनामी अपराधियों की फोटो अब नेपाल के थानों में होगी चस्‍पा

अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार का कहना है कि नेपाल पुलिस के अधिकारियों के साथ प्रत्‍येक तीन माह पर बैठक होती हैं। इसमें अपराध को लेकर दोनों देशों के अधिकारी आपस में चर्चा करते हैं। सूचनाओं का आदान प्रदान होता है।

Satish Chand ShuklaSat, 19 Jun 2021 11:09 AM (IST)
अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार का फाइल फोटो, जागरण।

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर जोन के इनामी बदमाशों पर नेपाल पुलिस भी नजर रखेगी। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। एडीजी अखिल कुमार तैयारी कर रहे हैं कि जोन के जो भी इनामी बदमाश हैं, उनका विवरण व फोटो नेपाल पुलिस को दिया जाए। ताकि नेपाल पुलिस भी अपने देश में नजर रख सके कि वह कहीं नेपाल में तो नहीं है और वहां अशांति फैला रहे हों। जोन पुलिस का मानना है कि बदमाशों की तस्‍वीर होने नेपाल पुलिस अपने यहां सतर्कता बरत सकेगी।

कई खूंखार अपराधी छिपे हैं नेपाल में

इनामी बदमाशों को लेकर शुरू हुई छानबीन में यह पता चला है कि पचास हजार के 12 इनामी बदमाशों में से चार नेपाल में हैं। यह भारतीय क्षेत्रों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। वर्तमान में चार बदमाश नेपाल में शरण लिए हुए हैं। एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि मित्र राष्‍ट्र होने के कारण नेपाल पुलिस के अधिकारियों को यह बताना जरूरी है कि जोन से भागे हुए बदमाश कहीं नेपाल में अपराध न कर रहे हों। उन्‍होंने कहा कि भारत-नेपाल खुली सीमा होने के कारण कहीं अन्‍य बदमाश नेपाल न चले गए हों, इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

नेपाल पुलिस संग मीटिंग में साझा करेंगे बदमाशों की फोटो

उन्‍होंने कहा कि हर तीन-तीन माह पर नेपाल के पुलिस अधिकारियों से मीटिंग में सीमाई क्षेत्र के अपराध पर चर्चा होती है। इस बार की चर्चा जोन के इनामी बदमाशों पर होगी। गोरखपुर जोन सीमा से नेपाल के रूपनदेही जिले का मधुबेनिया, मझगांवा, बेलाटारी, कपिलवस्‍तु जिले के महराजगंज, कृष्‍णानगर, तौलिहवा सहित 16 थाने लगते हैं। एडीजी का कहना है कि पहली कोशिश होगी कि नेपाल के इन थानों में बदमाशों की फोटो पहुंच जाए। वहां के जरिये नेपाल में जगह-जगह उनकी फोटो पहुंच जाएगी। इससे नेपाल सीमाई क्षेत्र में घुसते ही बदमाश लोगों की नजर में आ सकेंगे।

हर तीसरे माह होगी दोनो देशों के अधिकारियों की बैठक

गोरखपुर जोन अपर पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार का कहना है कि नेपाल पुलिस के अधिकारियों के साथ प्रत्‍येक तीन माह पर बैठक होती हैं। इसमें अपराध को लेकर दोनों देशों के अधिकारी आपस में चर्चा करते हैं। सूचनाओं का आदान प्रदान होता है। इस बार इनामी बदमाशों को लेकर चर्चा की जाएगी। बदमाशों की फोटो नेपाल अधिकारियों को दी जाएगी। ताकि वहां के थानों में फोटो चस्‍पा हो सके। उन्‍हें ढाई लाख के इनामी राघवेंद्र की भी फोटो भी दी जाएगी। हो सकता है कि वह नेपाल में ही छिपा हो। इससे यदि वह नेपाल में अशांति फैलाएं तो पुलिस उन पर नजर रखेगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.