Gorakhpur Weather News: झमाझम बारिश के बाद भी लोगों को गर्मी से नहीं मिली राहत

​​​​​Gorakhpur Weather News ​​​​​Gorakhpurweatherforecast शुक्रवार को गोरखपुर सहित इर्द-गिर्द जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तो कुछ पर मध्यम से भारी बारिश बारिश के आसार हैं। सिद्धार्थनगर व महजरागंज सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों मेें अतिवृष्टि हो सकती है।

Pradeep SrivastavaFri, 10 Sep 2021 08:30 AM (IST)
झमझाम बार‍िश के बाद भी लोगों को उमस से राहत नहीं म‍िली। - जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गुरुवार को झमाझम बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का सिलसिला आगामी 12 सितंबर तक जारी रह सकता है। लगातार बारिश में तापमान में गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है।

आगामी 12 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ के ऊपर निम्न वायुदाब का क्षेत्र बना हुआ है। यह मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से की तरफ बढ़ रहा है। इसके चलते गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से दोपहर डेढ़ बजे जिले में झमाझम बारिश हुई। बावजूद इसके लोगों को उमस से राहत नहीं मिली। माैसम विभाग के मुताबिक बारिश का यह सिलसिला आगामी 12 सितंबर तक जारी रह सकता है।

गोरखपुर व आस-पास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

शुक्रवार को गोरखपुर सहित इर्द-गिर्द जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तो कुछ पर मध्यम से भारी बारिश बारिश के आसार हैं। सिद्धार्थनगर व महजरागंज सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों मेें अतिवृष्टि भी हो सकती है।

ऐसा रहा कल का मौसम

गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सिस तो न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है।

बरसात से परेशानी भी

उधर बरसात से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बाढ़ प्रभावित 383 गांवों में चल रहे राहत बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी ने मंडल व जिला स्तरीय 32 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन करीब सात से आठ गांव में जाकर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा करेंगे। कितने लोगों को राहत सामग्री मिली है, कितने जरूरतमंद लोग बचे हैं, इसकी रिपोर्ट भी देनी होगी। अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग की टीम वहां ठीक से बचाव कार्य कर रही है या नहीं। जिन गांवों में अभी तक कोई जिला स्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहले जाना होगा।

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