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गोरखपुर में खत्‍म होगी ऑक्‍सीजन की किल्‍लत, आज से रोजाना हवा से तैयार होगी 11200 घन मीटर आक्सीजन

गोरखपुर में हवा से ऑक्‍सीजन बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गीडा से रोजाना तीन से चार हजार सात घन मीटर क्षमता वाले सिलेंडरों में आक्सीजन भरी जा रही है लेकिन इसके लिए पूरे दिन वक्त लग जा रहा है। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। ऐसे अन्नपूर्णा एयर गैसेज प्लांट चालू होने से लोगों को राहत मिलेगी।

Pradeep SrivastavaMon, 10 May 2021 10:35 AM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। आक्सीजन के चलते किसी की जान न जाए, इसे लेकर गोरखपुर के उद्योगपतियों ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। गीडा के सेक्टर 13 रविवार को पूरे दिन इंजीनियरों की टीम अन्नपूर्णा एयर गैसेज, आक्सीजन प्लांट के ट्रायल में जुटी रही। रात करीब नौ बजे तक ट्रायल में सफलता नहीं मिल सकी। सहायक आयुक्त औषधि एजाज अहमद ने कहा कि देर रात ट्रायल में सफलता मिली तो सोमवार से रोजाना यहां से 1600 सिलेंडर अर्थात 11200 घन मीटर आक्सीजन रोजाना हवा से तैयार होगी। अर्थात रोजाना 1600 व्यक्ति बड़े आक्सीजन सिलेंडर को रिफिल करा सकेंगे। यह गीडा का दूसरा एयर बेस प्लांट है।

1600 जरूरतमंदों को मिलेगी राहत

गीडा से रोजाना तीन से चार हजार सात घन मीटर क्षमता वाले सिलेंडरों में आक्सीजन भरी जा रही है, लेकिन इसके लिए पूरे दिन वक्त लग जा रहा है। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। ऐसे अन्नपूर्णा एयर गैसेज प्लांट चालू होने से लोगों को भारी राहत मिलेगी। लोगों को घंटों लाइन में लगने से मुक्ति मिलेगी। इस प्लांट पर हवा से आक्सजीन तैयार होगी। गीडा में मोदी केमिकल्स में भी हवा से आक्सीजन तैयार की जाती है, लेकिन उसकी क्षमता रोजाना सिर्फ 5600 घन मीटर आक्सीजन तैयार करने की है। शेष आक्सीजन की आपूर्ति एलएमओ(लिक्विड मेडिकल आक्सीजन) के जरिये होती है, जबकि अन्नपूर्णा एयर गैसेज प्लांट पर रोजाना हवा से 11200 घन मीटर आक्सीजन का उत्पादन होगा। ऐसे में 1600 जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिल जाएगी। 

अन्नपूर्णा आक्सीजन प्लांट को चालू करने से पूर्व ट्रायल जरूरी है। रविवार के ट्रायल किया भी गया। देर रात सफल ट्रायल की उम्मीद है। ट्रायल सफल रहा तो सोमवार से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। - एजाज अहमद, सहायक आयुक्त औषधि।

मोदी केमिकल्स के विस्तारित आक्सीजन प्लांट में शुरू हुआ उत्पादन

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में स्थापित मोदी केमिकल्स के आक्सीजन प्लांट का विस्तार पूरा हो गया है और रविवार से इसमें 1200 अतिरिक्त सिलेंडर का उत्पादन भी शुरू हो गया। प्लांट का यह विस्तार मुख्यमंत्री के प्रयास से हुआ है। अयोध्या में बंद पड़े प्लांट में मशीनें लंबे समय से फंसी थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद यह मशीनें मोदी केमिकल्स को प्राप्त हुईं और एक सप्ताह के भीतर इन्हें गोरखपुर शिफ्ट कर उत्पादन बढ़ा दिया गया। अब इस कंपनी में करीब 3200 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है।

मोदी केमिकल्स के संचालक उद्यमी प्रवीण मोदी ने बताया कि पहले से उनके दो प्लांट गीडा में संचालित हो रहे हैं। अयोध्या में भी एक प्लांट था लेकिन कतिपय कारणों से बंद पड़ा था। वहां से मशीनें भी नहीं आ पा रही थीं। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री को हुई तो उनके प्रयास से मशीनें मिल गईं और उत्पादन शुरू हो गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि समय से अस्पतालों व लोगों को आक्सीजन देने की पूरी कोशिश की जा रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के लिए लाए जा रहे छोटे सिलेंडर में निश्शुल्क आक्सीजन भरी जा रही है।

दो हजार सिलेंडर और बढ़ाने की तैयारी

प्रवीण मोदी ने बताया कि इस आपात काल में वह 2000 आक्सीजन सिलेंडर का उत्पादन और बढ़ाने की तैयारी में है। अलग कंपनी के नाम से देवरिया व बस्ती में प्लांट लगाने की योजना है। दोनों ही स्थानों पर एक-एक हजार सिलेंडर का उत्पादन होगा। लंबे समय से आक्सीजन उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय प्रवीण मोदी ने लगातार अपने यहां आक्सीजन का उत्पादन बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि दोनों प्लांट लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

आक्सीजन लेकर गोरखपुर जल्द पहुंचेगी ट्रेन, रेलवे ने शुरू की तैयारी

पूर्वांचल के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गोरखपुर में भी जल्द ही आक्सीजन लेकर ट्रेन पहुंचने वाली है। आक्सीजन एक्सप्रेस को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर कैब-वे के पास पार्सल यार्ड में ट्रेन को ठहराने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए रैंप भी बनाए जा रहे हैं। ताकि, आक्सीजन को आसानी से उतारा जा सके।

आक्सीजन एक्सप्रेस को लेकर रेलवे स्टेशन प्रबंधन लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में है। हालांकि, स्टेशन प्रबंधन को देर रात तक जिला प्रशासन की तरफ से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। जानकारों का कहना है कि गोरखपुर के लिए जल्द ही ट्रेन बोकारो से आक्सीजन लेकर रवाना होगी। ट्रेन के रवाना होने से पहले जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन को जानकारी दे दी जाएगी। ऐसे में ट्रेन के बोकारो से रवाना होने से पहले रेलवे और जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आक्सीजन एक्सप्रेस के गोरखपुर पहुंच जाने से पूर्वांचल के लोगों को नई संजीवनी मिल जाएगी। आक्सीजन के लिए चारो तरफ त्राहि मची हुई है।

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