जिला महिला अस्पताल की कार्यवाहक प्रमुुख अधीक्षक डा. नीना त्रिपाठी व उनके पति के खिलाफ जांच के आदेश

सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने 29 जुलाई 2020 को स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजा था। इसमें डा. नीना त्रिपाठी और उनके पति डा. एके त्रिपाठी के खिलाफ हुई जांच व आरोपों की जानकारी देते हुए दोनों को हटाने को कहा था।

Navneet Prakash TripathiFri, 19 Nov 2021 02:02 PM (IST)
जिला महिला अस्पताल की कार्यवाहक प्रमुुख अधीक्षक डा. नीना त्रिपाठी व उनके पति के खिलाफ जांच के आदेश। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। जिला महिला अस्पताल की कार्यवाहक प्रमुुख अधीक्षक डा. नीना त्रिपाठी और उनके पति व अधीक्षक डा. एके त्रिपाठी की शिकायतों की जांच होगी। शासन के विशेष सचिव डा. मन्नान अख्तर ने गोरखपुर मंडल के अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. रमेश गोयल को जांच के निर्देश दिए हैं। डा. गोयल को एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देनी है।

सांसद ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को भेजा था शिकायती पत्र

सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने 29 जुलाई 2020 को स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजा था। इसमें डा. नीना त्रिपाठी और उनके पति डा. एके त्रिपाठी के खिलाफ हुई जांच व आरोपों की जानकारी देते हुए दोनों को हटाने को कहा था। इस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन अक्टूबर 2021 को सदर सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। इस पत्र में भी डाक्टर दंपती को हटाते हुए वरिष्ठ डाक्टरों की महिला अस्पताल में तैनाती का अनुरोध किया गया था। सांसद ने डा. एके त्रिपाठी और डा. अजय शंकर के खिलाफ हुई मारपीट का भी जिक्र अपने पत्र में किया है। साथ ही चिकित्सा विभाग में विशेष सचिव के यहां तैनात दो अफसरों पर डाक्टर दंपती को संरक्षण देने की भी जानकारी दी है।

27 अक्टूबर को तय हुए थे आरोप

डा. नीना त्रिपाठी के खिलाफ जिला महिला अस्पताला गोरखपुर में वरिष्ठ परामर्शदाता रहने के दौरान 12 लाख 62 हजार 578 रुपये के शासकीय धन का आरोप लगा था। वित्तीय वर्ष 2015-16 में डा. नीना त्रिपाठी महिला अस्पताल की कार्यवाहक मुख्य अधीक्षक थीं। तब उन्होंने बिना महानिदेशक स्वास्थ्य की अनुमति 32 लाख 95 हजार 598 रुपये का भुगतान कर दिया था। स्टोर में दवा होने के बाद भी फर्मों से ज्यादा दर पर दवा की खरीद की थी। फिनायल व सफाई से जुड़े अन्य सामान की खरीद में 29 लाख 50 हजार 572 रुपये की शासकीय क्षति की भी पुष्टि हुई। इसके अलावा बजट होने के बाद भी जरूरी 67 दवाओं की खरीद नहीं की।

दो वर्ष तक के लिए रोकी एक वेतन वृद्धि

शासन की जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद डा. नीना त्रिपाठी की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से दो वर्ष के लिए दो दी गई है। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आदेश की एक प्रति डा. नीना त्रिपाठी की चरित्र पंजिका में वर्ष 2021-22 की प्रविष्टियों के साथ रखने के निर्देश दिए हैं।

उपभोक्ता फोरम ने भी दिए हैं आदेश

पिपराइच के मठिया निवासी सुधाकर गुप्ता की पत्नी ममता की मौत के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अस्थाना ने डा. नीना त्रिपाठी के खिलाफ आदेश दिया है। इसमें डा. नीना त्रिपाठी को व्यक्तिगत रूप से तीन लाख रुपये और महिला अस्पताल को नौ लाख रुपये सुधाकर गुप्ता को देने हैं।

शासन का पत्र मिलने पर की जाएगी जांच

अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गोरखपुर मंडल डा. रमेश गोयल ने बताया कि डा. नीना त्रिपाठी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने की जानकारी मिली है। उनके खिलाफ जांच के आदेश की जानकारी नहीं है। शासन से पत्र मिलने के बाद जांच की जाएगी।

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