विद्यार्थी ही बनाएंगे गोविवि के 40 वें दीक्षा समारोह का प्रतीकचिह्न

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 40 वें दीक्षा समारोह का औपचारिक प्रतीक चिह्न (लोगो) छात्र-छात्राओं द्वारा ही बनाया जाएगा। इसके लिए प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी प्रतियोगिता होगी। इसमें विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी ही प्रतिभाग करेंगे।

Navneet Prakash TripathiThu, 02 Dec 2021 03:30 PM (IST)
विद्यार्थी ही बनाएंगे गोविवि के 40 वें दीक्षा समारोह का प्रतीकचिह्न। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 40वें दीक्षा समारोह का औपचारिक प्रतीक चिह्न (लोगो) छात्र-छात्राओं द्वारा ही बनाया जाएगा। इसके लिए प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी प्रतियोगिता होगी। इसमें विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी ही प्रतिभाग करेंगे। इसके लिए चार दिसंबर तक प्रविष्टि विश्वविद्यालय के परामर्श या सूचना केंद्र पर जमा करनी होगी। दीक्षा समारोह 14 दिसंबर को प्रस्तावित था, लेकिन अब इसकी तिथि एक दिन आगे बढाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने दीक्षा समारोह की तिथि बढाने का निर्देश दिया था। है।

डिजाइन के पीछे लिखना होगा नाम व मोबाइल नंबर

प्रतियोगिता की संयोजक प्रो. सुधा यादव ने बताया कि इच्‍छुक अभ्यर्थी डिजाइन के पीछे अपना नाम, कक्षा, मोबाइल नंबर एवं महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय का नाम अवश्य अंकित करें। डिजाइन के साथ संस्थान के परिचय पत्र की फोटोकापी संलग्न करना अनिवार्य है।

यह हैं नियम व शर्तें

- डिजाइन 10 इंच गुणे 10 इंच के आकार में या 10 इंच के व्यास वाले वृत्त में बनाने होंगे

-डिजाइन में विश्वविद्यालय के सूत्र वाक्य आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत: एवं कुलचिह्न का होना आवश्यक है

-डिजाइन में 40वां दीक्षा समारोह या 40\क्रह्लद्ध ष्शठ्ठ1शष्ड्डह्लद्बशठ्ठ लिखना आवश्यक है।

-डिजाइन में अधिकतम तीन रंगों का प्रयोग किया जा सकता है।

-प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमश: 3000, 2000 एवं 1000 की प्रोत्साहन राशि धनराशि दी जाएगी। तीन सांत्वना पुरस्कार विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

वाराणसी सिटी तक चलेगी कृषक एक्सप्रेस

वाराणसी जाने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। गोरखपुर के रास्ते चलने वाली कृषक एक्सप्रेस अब मऊ की बजाए वाराणसी सिटी तक चलेगी। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन कोहरा के चलते इस ट्रेन को एक दिसंबर से 28 फरवरी तक वाराणसी की जगह मऊ तक ही संचालित करने की घोषणा की थी। यह ट्रेन मऊ से वाराणसी सिटी तक निरस्त कर दी गई थी। लेकिन आमजन की सुविधा को देखते हुए इस ट्रेन को पूर्व निर्धारित स्टेशनों, मार्ग और ठहराव के आधार पर चलाने का निर्णय लिया है।

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