गोरखनाथ मंदिर की ओर से आनलाइन साप्‍ताहिक योग शिविर शुरू

पहले दिन राष्ट्र निर्माण में योग की उपादेयता विषय पर आनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए योग वेलनेस सेंटर राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय सुल्तानपुर के योग प्रशिक्षक सुनील दत्त तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला।

Satish Chand ShuklaThu, 17 Jun 2021 08:30 AM (IST)
आनलाइन सप्ताहिक योग शिविर के उदघाटन सत्र में उपस्थित पूर्व कुलपति प्रो युपी सिंह व अन्य । सौ.गोरखनाथ मंदिर।

गोरखपुर, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में महायोगी गुरु गोरक्षनाथ योग संस्थान और गोरखनाथ मंदिर की ओर से आयोजित आनलाइन साप्ताहिक योग शिविर और शैक्षिक कार्यशाला की शुरुआत हो गई है। पहले दिन 'राष्ट्र निर्माण में योग की उपादेयता विषय पर आनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए योग वेलनेस सेंटर राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय सुल्तानपुर के योग प्रशिक्षक सुनील दत्त तिवारी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला।

अपने परिवार या समाज का कल्याण नहीं कर सकता अस्‍वस्‍थ व्‍यक्ति

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसान, जवान, अध्यापक, व्यापारी, या किसी भी पेशे में हो, अस्वस्थ रहकर अपने परिवार या अपने समाज का कल्याण नहीं कर सकता। और अगर स्वस्थ्य रहना है तो योग को अपनाना ही होगा। ऐसा करके ही हम राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकते हैं। योग का विवेचन करते हुए डा. तिवारी ने कहा कि केवल आसन व प्राणायाम ही योग नहीं है। यम-नियम आदि को भी हमें जीवन में लाना होगा। जबतक व्यक्ति यम व नियम को नहीं अपनाएगा, तबतक वह योग के संपूर्ण लाभ से वंचित रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में एक भ्रांति है कि योग और आध्यात्मिक चिंतन वृद्धजन का कार्य है। इस भ्रांति के कारण ही हमारे देश का युवा नकारात्मकता और अनैतिकता का शिकार हो रहा है। नई पीढ़ी को इससे बचाने के लिए उन्हें योग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना होगा। श्रीमद्भगवद्गीता के 'योग: कर्मसु कौशलम् पंक्ति का उल्लेख करते हुए डा. तिवारी ने कहा कि मनुष्य जीवन के सभी विहित कर्मों में कुशलता प्राप्त करना ही योग है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष व पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफल होने में मजबूत इच्छाशक्ति व स्थिर चित्त की जरूरत होती है, जो कि योग से ही प्राप्त होती है। संचालन और अतिथियों का आभार ज्ञापन श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अरविंद चतुर्वेदी ने किया।

योगासन और प्राणायाम का कराया अभ्यास

योग शिविर के आयोजन के दौरान एक कार्यशाला भी आयोजित हुई। शाम छह से सात बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में योगासन और प्राणायाम का आनलाइन अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान योगाचार्य शुभम द्विवेदी ने उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। सम्पूर्ण कार्यक्रम गोरखनाथ मंदिर के फेसबुक पेज, ट्वीटर अकाउंट और यू-ट्यूब पर प्रसारित किया गया। इसके अलावा मंदिर के मीडिय प्रभारी विनय कुमार गौतम के फेसबुक पेज पर कार्यक्रम का आनलाइन प्रसारण हुआ। कार्यशाला के प्रभारी डा. अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार को सुबह और शाम छह से सात बजे तक योगाभ्यास कराया जाएगा। कार्यशाला का संचालन योगी सोमनाथ ने किया।

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