DDU: डा. ओमप्रकाश ने फिर संभाला विवि के कुलसचिव का पदभार Gorakhpur News

पदभार ग्रहण करने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय कुलसचिव की कुर्सी पर डा. ओमप्रकाश। जागरण।

कुलपति ने कामकाज में बाधा डालने और सहयोग न करने का आरोप लगाकर पिछली नौ अप्रैल को एक कार्यालय आदेश जारी कर कुलसचिव को उनके पद से हटा दिया था। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह को कार्यवाहक कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण करा दिया।

Satish Chand ShuklaTue, 20 Apr 2021 02:03 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। 10 दिन की कवायद के बाद आखिरकार सोमवार को डा. ओमप्रकाश ने एक बार फिर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. अजय सिंह से कार्यभार लिया, जिन्हें डा. ओमप्रकाश के हटाने के फैसले के बाद कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने अस्थायी तौर पर कुलसचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। शासन द्वारा इस आदेश को नियम विरुद्ध करार देने के बाद कुलपति को अपने फैसले को वापस लेने को मजबूर होना पड़ा।

कुलपति ने कुलसचिव को किया पदस्थापित

कुलपति ने कामकाज में बाधा डालने और सहयोग न करने का आरोप लगाकर पिछली नौ अप्रैल को एक कार्यालय आदेश जारी कर कुलसचिव को उनके पद से हटा दिया था। अस्थायी तौर पर उन्हें विश्वविद्यालय के ह्यूमन रिसोर्स डेवलेपमेंट सेंटर से सम्बद्ध करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह को कार्यवाहक कुलसचिव का कार्यभार ग्रहण करा दिया। डा. ओमप्रकाश ने कुलपति के इस निर्णय को नियम विरुद्ध करार देते हुए न्याय के लिए शासन में गुहार लगाई।

कुलपति के निर्णय को शासन ने बताया था नियम विरुद्ध

शासन ने मामले को गंभीरता से लिया और कुलपति को पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी कि कुलसचिव को हटाना शासन का कार्य है, यह कुलपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। कुलपति द्वारा कुलसचिव को हटाने का निर्णय लेना शासन के अधिकारों को अतिक्रमण भी है। शासन ने तत्काल प्रभाव से डा. ओमप्रकाश को पद पर पुन: स्थापित करने को कहा। 15 अप्रैल को भेजे गए इस पत्र के आधार पर चार दिन की उधेड़बुन के बाद सोमवार को कुलपति ने डा. ओमप्रकाश को कुलसचिव का कार्यभार दिला दिया।

तीन दिन एक ही चेंबर में बैठे कुलसचिव व कार्यवाहक कुलसचिव

शासन की ओर से पत्र जारी होने के बाद हटाए गए कुलसचिव डा. ओमप्रकाश ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव के चेंबर में बैठना शुरू कर दिया। उधर कुलपति के आदेश के पालन के क्रम में उस चेंबर में कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. अजय सिंह भी बैठ रहे थे। सभी आदेश उन्हीं द्वारा निर्गत किए जा रहे थे। एक दिन रविवार होने के चलते विश्वविद्यालय में तीन दिन यह स्थिति रही। एक चेंबर में दो कुलसचिव का बैठना विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय रहा। कर्मचारियों तो इसे लेकर खासे परेशान रहे। सोमवार को उनकी इस समस्या पर विराम लग गया।

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