डीआइजी, एसएसपी के सीयूजी नंबर से महिला से की अश्लील बात- ऐसे हैक किया पुलिस अधिकारियों का फोन

गोरखपुर में स्पूफिंग काल के जरिए साइबर अपराधी ने महिला के पास डीआइजी एसएसपी व सीओ के नंबर से फोन किया। काल रिसीव करने पर उसके साथ अभद्रता की। फोन कटने महिला ने अधिकारियों के सीयूजी नंबर किया तो मामले की जानकारी हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Pradeep SrivastavaSun, 13 Jun 2021 07:30 AM (IST)
गोरखपुर में हैकरों ने पुलिस अधिकारियों के फोन हैक कर महिला से अश्लील बात की। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जेएनएन। स्पूफिंग काल के जरिए साइबर अपराधी ने तिवारीपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला के पास डीआइजी, एसएसपी व सीओ के सीयूजी नंबर से फोन किया। काल रिसीव करने पर उसके साथ अभद्रता की। फोन कटने महिला ने अधिकारियों के सीयूजी नंबर किया तो मामले की जानकारी हुई। एसएसपी के निर्देश पर तिवारीपुर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आइटी एक्ट का केस दर्ज किया है। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।

काल स्पूकिंग का हुआ इस्तेमाल, तिवारीपुर पुलिस ने दर्ज किया केस

तिवारीपुर के सिधारीपुर की रहने वाली रुकसाना खातून चौका-बर्तन करके परिवार की जीविका चलाती है। सात जून की शाम को रुकसाना के पास पहले सीओ बांसगांव के सीयूजी नंबर से फोन आया। काल रिसीव करने पर दूसरी तरफ से बात करने वाले नाम, पता पूछने लगा। कुछ देर में फोन कट गया। दूसरी बार सीओ कैंट उसके बाद सीओ गोरखनाथ के सीयूजी नंबर से फोन आया। फोन करने वाला खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रुकसाना को अर्दब में लेने के साथ ही अभद्रता कर रहा था। कुछ देर बाद साइबर अफराधी ने रुकसाना के पास डीआइजी और एसएसपी के सीयूजी नंबर से फोन किया। काल रिसीव करने के बाद उसने फोन करने वाले खूब खरी खोटी सुनाया।

ऐसे सामने आया मामला

फोन कटने पर उसने काल बैक किया तो फोन सीओ व पुलिस अधिकारियों ने रिसीव किया। फोन करके परेशान करने की वजह पूछने पर सभी लोग चौक गए। एसएसपी के निर्देश पर तिवारीपुर पुलिस रुकसाना के पास पहुंची। उसके मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच की तो सीयूजी नंबर से फोन आने की जानकारी हुई। छानबीन करने पर पता चला कि किसी ने स्पूफिंग के जरिए बात की है।

क्या है स्पूफिंग काल

स्पूफिंग वह तकनीकी है जिसके द्वारा किसी के भी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके किसी के पास मैसेज भेजा जा सकता है। इस प्रक्रिया में दोनों व्यक्ति यानी कि जिसका नंबर प्रयोग किया जा रहा हो वह और जिसे संदेश या काल किया गया है वह इससे अनजान रहते हैं।

साफ्टवेयर व वेबसाइट से होती है काल

साइबर एक्सपर्ट राहुल के अनुसार गुगल प्ले पर कई ऐसे साफ्टवेयर है जिसको मोबाइल पर लोड करने पर ऐसी काल की जा सकती है। इसके अलावा कुछ वेबसाइट काल स्पूफिंग सर्विस प्रदान रही हैं। अगर कोई किसी अधिकारी या परिचित के नंबर से फोन करके परेशान करा हो तो तुरंत काल बैक करें। आपकी बात मोबाइल धारक से होगी। बातचीत होने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

महिला की तहरीर पर तिवारीपुर पुलिस ने आइटी एक्ट का केस दर्ज किया है।साइबर सेल की टीम जांच कर रही है। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर पर्दाफाश किया जाएगा। - दिनेश कुमार पी, एसएसपी।

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