पकड़ में आ गया कुख्‍यात बदमाश मुन्‍ना, जानिए कैसे हुआ गिरफ्तार

पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज जनपद का कुख्यात बदमाश मुन्ना मिश्रा को एसटीएफ पटना ने देवरिया के बघौचघाट पुलिस के सहयोग से मेदी पट्टी के समीप से गिरफ्तार किया। कटया थाने में बदमाश से पुलिस की पूछताछ चल रही है।

Rahul SrivastavaSat, 24 Jul 2021 06:15 AM (IST)
कुख्‍यात बदमाश मुन्‍ना पकड़ा गया। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज जनपद का कुख्यात बदमाश मुन्ना मिश्रा को एसटीएफ पटना ने देवरिया के बघौचघाट पुलिस के सहयोग से मेदी पट्टी के समीप से गिरफ्तार किया। कटया थाने में बदमाश से पुलिस की पूछताछ चल रही है। पकड़े गए कुख्यात पर हत्या, लूट समेत 50 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है।

गोपालगंज का रहने वाला है मुन्‍ना मिश्रा

पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज जनपद के कटया थाना क्षेत्र के पानन गांव का रहने वाला मुन्ना मिश्रा कुख्यात बदमाश है। उसकी लोकेशन बघौचघाट थाना क्षेत्र के महुआरी में मिली तो एसटीएफ पटना ने बघौचघाट पुलिस से संपर्क किया और एसटीएफ बघौचघाट पहुंच गई। पुलिस के सहयोग से एसटीएफ ने मेदीपट्टी के समीप से मुन्ना मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि उस समय मुन्ना के साथ उसकी पत्नी भी मौजूद थी।

18 जुलाई को भाटपाररानी में मिली थी लोकेशन

एसटीएफ 15 दिनों से उसके पीछे लगी थी। 18 जुलाई को कुख्यात मुन्ना की लोकेशन देवरिया जनपद के भाटपाररानी उपनगर में मिली थी। इस पर एसटीएफ सक्रिय हो गई और एसओजी देवरिया से संपर्क की। एसओजी के पहुंचने से पहले ही कुख्यात का मोबाइल बंद हो गया और लोकेशन नहीं मिला। इसके अगले दिन से ही बघौचघाट थाना क्षेत्र व कुशीनगर के फाजिलनगर में उसकी लोकेशन मिल रही थी। गोपालगंज के अपर पुलिस अधीक्षक के साथ ही एसटीएफ पटना लगातार यूपी-बिहार बार्डर पर जमी हुई थी।

मुठभेड़ की सूचना मिलने पर पुलिस हुई सक्रिय

देर रात एसटीएफ पटना के साथ यूपी-बिहार बार्डर पर बदमाश के साथ मुठभेड़ होने की सूचना देवरिया पुलिस को मिली तो एसओजी भी निकल गई। लेकिन बाद में पता चला कि बदमाश को बघौचघाट पुलिस के सहयोग से ही बदमाश पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

पांच घंटे की पुलिस रिमांड पर रहे फर्जी शिक्षक

प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियाराज की अदालत ने तीन फर्जी शिक्षकों को पांच घंटे पुलिस रिमांड पर दिया है। एसआइटी के विवेचक पुलिस उपाधीक्षक के आवेदन पत्र पर जेल में निरुद्ध तीन आरोपितों के पुलिस कस्टडी रिमांड पर बहस हुई। सुनवाई के उपरांत प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया राज की अदालत ने आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने का आधार पर्याप्त पाया। अदालत ने अजीत उपाध्याय, राजकुमार मणि, ओम प्रकाश मिश्र को पांच घंटे पुलिस रिमांड पर दोपहर ढाई बजे से सायं साढ़े सात बजे तक देने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया।

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