India-Nepal Relation: नेपाल ने फ‍िर पैदा की कड़वाहट, नेपाली सिक्‍कों पर अंकित होगा विवादित नक्‍शा

India-Nepal Relation: नेपाल ने फ‍िर पैदा की कड़वाहट, नेपाली सिक्‍कों पर अंकित होगा विवादित नक्‍शा
Publish Date:Fri, 18 Sep 2020 07:30 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

महराजगंज, जेएनएन। पड़ोसी मुल्क नेपाल के शिक्षा मंत्रालय ने सीमाओं से संबंधित एक पुस्तक जारी की है। जिसका अनावरण शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री गिरिराज मणि पोखरेल ने किया है। नेपाल सरकार ने पिछले दिनों नेपाल का एक नया नक्शा घोषित किया है। इस नक्शे में भारत के हिस्से वाले लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का भू-भाग बताया गया है। यही नहीं नेपाल अब इस विवादित नक्‍शे को अपने सिक्‍कों पर भी अंकित कराने जा रहा है। 

542 वर्ग किमी. क्षेत्रफल पर जताया दावा 

अब नेपाल के शिक्षा मंत्रालय ने माध्यमिक शिक्षा की नई पुस्तक में संपूर्ण नेपाल का क्षेत्रफल सार्वजनिक किया है। इसमें भी कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताया गया है। पुस्तक में दावा किया गया है कि लिंपियाधुरा, लिपुलेख व कालापानी क्षेत्र में करीब 542 वर्ग किमी. क्षेत्रफल पर भारत ने कब्जा कर रखा है। 

दोनो देशों के संबंधों पर पड़ेगा असर

नेपाल के शिक्षा मंत्री गिरिराज मणि पोखरेल द्वारा जारी नेपाली भूभाग और संपूर्ण सीमा स्वाध्याय सामग्री नामक पुस्तक सार्वजनिक की है। इस पुस्तक में नेपाल का कुल क्षेत्रफल 1,47,641.28 वर्ग किलोमीटर बताया गया है। नेपाल के पश्चिम क्षेत्र के लिपुलेख, लिंपियाधुरा व कालापानी का क्षेत्रफल 460.28 वर्ग किलोमीटर है। यदि यह भूभाग पाठ्यपुस्तक में दर्ज नेपाल के कुल क्षेत्रफल में न शामिल होता तो नेपाल का वास्तविक क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किलोमीटर रहता। माना जा रहा है कि इस पुस्तक में लिपुलेख, लिंपियाधुरा व कालापानी को शामिल किए जाने का प्रतिकूल असर भविष्य में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता पर पड़ सकता है।

सिक्कों पर भी अंकित होगा नया नक्शा 

नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय बैंक को एक और दो रुपये के सिक्के पर नेपाल का नया नक्शा अंकित करने की स्वीकृति दी है। विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने बताया कि सोमवार को हुई मंत्री परिषद बैठक में यह निर्णय किया गया है। अभी तक सिक्कों और नोटों पर नेपाल का पुराना नक्शा अंकित होता रहा है। नए सिक्के में अंकित होने वाले नक्शे में लिंपियाधुरा, कालापानी, लिपुलेख को भी शामिल करने की स्वीकृति केंद्रीय बैंक को दी गई है। शिक्षा मंत्री पोखरेल ने बताया कि पुस्तक सीमा विवादों के कारणों की पहचान करने, विवादों को सुलझाने संवेदनशीलता और उपयुक्त दृष्टिकोण विकसित करने में भी उपयोगी होगी।

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