पड़ोसी महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर रेता था बुजुर्ग का गला Gorakhpur News

आरोपियों के साथ एसपी सिटी सोनम कुमार व सीओ कैंट सुमित शुक्ला। - जागरण

महिला ने संपत्ति की लालच में अपने प्रेमी और आटो चालक की मदद से बुजुर्ग का गला रेता था। अकेले रह रहे बुजुर्ग की देखभाल वही करती थी। शनिवार की रात में खोराबार थानेदार ने वारदात में शामिल गोपलापुर की रहने वाली और अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

Publish Date:Mon, 18 Jan 2021 06:05 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। पड़ोस में रहने वाली महिला ने संपत्ति की लालच में अपने प्रेमी और आटो चालक की मदद से बुजुर्ग का गला रेता था। अकेले रह रहे बुजुर्ग की देखभाल वही करती थी। शनिवार की रात में खोराबार थानेदार ने वारदात में शामिल  गोपलापुर की रहने वाली और अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल चाकू और आटो बरामद हुआ।

पुलिस ने आरोपितों को पकड़ा, संपत्ति की लालच में वारदात को दिया अंजाम

एसपी सिटी सोनम कुमार व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि 10 जनवरी की सुबह सात बजे कुसम्ही जंगल में विनोद वन की तरफ जाने वाले रास्ते पर राहगीरों ने खून से लथपथ पड़े बुजुर्ग को देखा। अचेत पड़े बुजुर्ग के बगल में खून लगा चाकू था। 112 नंबर पर सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस मेडिकल कालेज ले गई। होश में आने पर बुजुर्ग की पहचान रामगढ़ताल के गोपलापुर निवासी सुदामा यादव के रूप में हुई। छानबीन करने पर पता चला कि 9 जनवरी को सुदामा अपने पड़ोस में रहने वाली महिला गुड़िया उसके प्रेमी बेतियाहाता निवासी अर्जुन चौहान और रामगढ़ताल में दुर्गा मंदिर के पास रहने वाले ऑटो चालक अमित साहनी के साथ तरकुलहा देवी मंदिर गया था। तबसे उसका कुछ पता नहीं चला। 

बुजुर्ग से था महिला का अवैध संबंध

सुदामा अकेले रहता था, उसकी देखभाल गुड़िया करती थी। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गुड़िया ने पुलिस को बताया कि देखभाल करने के दौरान सुदामा से उसके संबंध हो गए थे। उसके परिवार में कोई नहीं था। इसलिए मकान और जमीन हड़पने के लिए अपने प्रेमी अर्जुन के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। 9 जनवरी को घूमने के बहाने आटो से वे लोग सुदामा को तरकुलहा देवी मंदिर ले गए। जहां शराब करने के बाद सभी लोगों ने भोजन किया। लौटते समय बुढ़िया माई मंदिर जाने की बात कहकर सुदामा को अपने साथ कुसम्ही जंगल ले गए। शाम 5 बजे के करीब चाकू से गला रेत कर आटो से नीचे फेंक दिया।उन्हें यकीन था कि सुदामा मर गया होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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