यातायात माह में भी नहीं रुक रही लापरवाही

कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में इस माह में दो दर्जन दुर्घटनाएं हुईं 30 से अधिक लोग घायल हुए। चार की मौत हुई। दुर्घटनाओं के पीछे कारण यातायात नियमों की अनदेखी रही। सड़कों पर बिना हेलमेट बाइक पर तीन सवारी कहीं भी देखी जा सकती।

JagranMon, 29 Nov 2021 05:01 PM (IST)
यातायात माह में भी नहीं रुक रही लापरवाही

कुशीनगर : यातायात माह नवंबर में भी सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही। शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो जिस दिन दुर्घटनाएं सामने न आतीं हों। हाटा क्षेत्र में इस माह में दो दर्जन दुर्घटनाएं हुईं जिसमें 30 से अधिक लोग घायल हो गए। चार की जान चली गई। दुर्घटनाओं के पीछे कारण यातायात नियमों की अनदेखी रही। सड़कों पर बिना हेलमेट बाइक पर तीन सवारी कहीं भी देखी जा सकती। यातायात जागरूकता अभियान का असर कहीं नजर नहीं आ रहा।

पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो हाटा कोतवाली क्षेत्र में इस वर्ष सामने आईं 80 से अधिक दुर्घटनाओं में 40 लोगों की जान चली गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। बेकाबू साबित हो रहे सड़क हादसों के पीछे कहीं तंत्र की लापरवाही तो कहीं वाहन चालकों की कमी सामने आई। बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रही।

दुर्घटनाओं पर अंकुश पाने के लिए नवंबर को यातायात माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस महीने में भी दो दर्जन दुर्घटनाएं हुईं। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। सरकार यातायात जागरूकता की बात कर रही। मगर जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। इनकी भूमिका सिर्फ पंफलेट बांटने तक सिमट कर रह गई है। बिना हेलमेट बाइक पर तीन लोगों को फर्राटा भरते आसानी से देखा जा सकता है।

सीओ कसया पियूषकांत राय ने कहा कि यातायात माह का उद्देश्य लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करना है। कोतवाली के सामने खड़े हो रहे एक्सीडेंटल वाहनों को अन्यत्र रखने की व्यवस्था जल्द ही कराई जाएगी।

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यहां होती हैं सर्वाधिक दुर्घटनाएं

हाटा कोतवाली क्षेत्र में कसया तिराहा क्रसिग, बाघनाथ हरिटोला के सामने क्रसिग, पिपराइच मोड़, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रासिग, महुआरी क्रासिग, जोल्हिनिया क्रासिग के अलावा हाटा कप्तानगंज मार्ग पर झांगा सुदामा चक आदि स्थानों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहतीं हैं। बीते 24 अक्टूबर को कोतवाली के सटे एनएच किनारे चल रहे इंडियन पब्लिक स्कूल के चौकीदार गुलाब गौड़ अनियंत्रित वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए। इलाज के दौरान दूसरे दिन उनकी मौत हो गई। इसी विद्यालय के कर्मचारी प्रमोद कुमार सिंह की पत्नी भी चार नवंबर को सड़क दुर्घटना में जान गंवा बैठीं।

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