कोरोना की दूसरी लहर में लापरवाहियों ने बढ़ाई थी मुसीबत, तीसरी में हो जाएं सावधान

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में जब होली व पंचायत चुनाव के मद्देनजर लोग बाहर से आ रहे थे तो सभी की जांच नहीं हुई जिनकी जांच हुई और पाजिटिव मिले उन्हें भी छोड़ दिया गया। इन्हीं लापरवाहियों के कारण दूसरी लहर में मुसीबत बढ़ी थी।

Pradeep SrivastavaTue, 03 Aug 2021 07:10 AM (IST)
कोरोना की दूसरी लहर में लापरवाहियों ने लोगों की मुसीबत बढ़ाई थी। - प्रतीकात्मक तस्वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दूसरी लहर में लारवाहियों ने मुसीबत बढ़ाई थी। जब होली व पंचायत चुनाव के मद्देनजर लोग बाहर से आ रहे थे तो सभी की जांच नहीं हुई, जिनकी जांच हुई और पाजिटिव मिले, उन्हें भी छोड़ दिया गया। वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से घर गए। इस दौरान संक्रमण फैलता गया। स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर की तैयारियों में जुटा है। विशेषज्ञों ने राय दी है कि व्यक्तिगत स्तर पर कोविड प्रोटोकाल का पालन कर हम इस महामारी को रोकने में मदद कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जांच कराने पर जोर दिया है और कहा है कि पाजिटिव मिलने पर उन्हें क्वारंटाइन करा दिया जाए, ताकि संक्रमण न फैलने पाए।

कोरोना की पहली लहर गत मार्च तक लगभग खत्म हो गई थी।

बाहर से आने वाले सभी लोगों की हो जांच, पाजिटिव मिलने पर क्वारंटाइन किए जाएं

15 मार्च को संक्रमितों की संख्या शून्य थी। इसी दौरान होली व पंचायत चुनाव के मद्देनजर उन क्षेत्रों से लोग आने लगे, जहां संक्रमण फैला हुआ था। बावजूद उनकी जांच में लापरवाही बरती गई। न तो जिले के प्रवेश द्वारों पर कोई चेक पोस्ट बनाया गया और न ही रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर पाजिटिव मिले लोगों को सरकार वाहनों से घर भेज कर क्वारंटाइन कराया गया। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन व एयरपोर्ट पर जांच जरूर हो रही थी लेकिन जो पाजिटिव आ रहे थे, उन्हें भी छोड़ दिया गया। इस वजह से मार्च के अंतिम सप्ताह से संक्रमितों की संख्या में तेजी आती गई और अप्रैल व मई भयावह हो गए। संक्रमितों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई कि अस्पतालों में बेड फुल हो गए। आक्सीजन की कमी सामने आ गई।

दूसरी लहर में हुई थी भारी तबाही

सभी मरीजों को न आक्सीजन मिल पाया और न ही अस्पतालों में जगह। लोग अपने स्वजन को अपनी आंखों के सामने समुचित इलाज के अभाव में मरते देखते रहे लेकिन कुछ कर नहीं पाए। विशेषज्ञों ने सितंबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है। साथ ही आम जन को कोविड प्रोटोकाल के पालन के लिए सचेत किया है, ताकि वह स्थिति पुन: न आने पाए। कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका सितंबर में जताई जा रही है। इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन अपने स्तर से प्रयास कर रहा है। आम जन को कोविड प्रोटोकाल का पालन कर इसमें मदद करनी चाहिए, क्योंकि अंतत: इससे प्रभावित आम जन ही होगा। -डा. अशोक पांडेय, वायरोलाजिस्ट, क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र

तीसरी लहर आने की आंशका निर्मूल नहीं है। अमेरिका, चीन आदि में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपने यहां केरल में भी प्रतिदिन 20 हजार मामले आने की सूचना है। पहली लहर में केरल में केवल एक युवती पाजिटिव मिली थी और कोरोना पूरे देश में फैल गया था। इसलिए सावधान हो जाने की जरूरत है। - डा. अमरेश सिंह, अध्यक्ष, माइक्रोबायोलाजी विभाग, बीआरडी मेडिकल कालेज

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