राष्ट्रीय राजमार्ग बस्ती-डुमरियागंज मार्ग कुर्थियां से सल्टौआ तक गड्डे में तब्दील

इस मार्ग पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलने लायक नहीं है। कई जगह से सड़क की गिट्टियां उखड़ गई है। इस पर मार्ग यात्रा करना राहगीरों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अगर संभलकर यात्रा नहीं किए तो आपको अस्पताल पहुंच जाना पड़ सकता है। कदम-कदम पर हिचकोले खाने के लिए राहगीर विवश हैं। देईपार स्थित सरयू नहर पुल के एप्रोच पर बने गड्ढे के कारण आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल होते हैं।

JagranSat, 24 Jul 2021 09:36 PM (IST)
राष्ट्रीय राजमार्ग बस्ती-डुमरियागंज मार्ग कुर्थियां से सल्टौआ तक गड्डे में तब्दील

बस्ती: राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित बस्ती-डुमरियागंज मार्ग की सूरत अभी भी नहीं बदल पाई है। सिद्धार्थनगर जनपद की कुर्थिया सीमा से सल्टौआ तक 23 किमी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। 50 किमी बस्ती-डुमरियागंज मार्ग दो जनपदों को जोड़ने के साथ पड़ोसी देश नेपाल को भी जोड़ती है। इतना महत्वपूर्ण सड़क होने के बाद भी कुर्थिया से सल्टौआ तक सड़क बदहाल है।

इस मार्ग पर वाहन से चलना तो दूर पैदल चलने लायक नहीं है। कई जगह से सड़क की गिट्टियां उखड़ गई है। इस पर मार्ग यात्रा करना राहगीरों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अगर संभलकर यात्रा नहीं किए तो आपको अस्पताल पहुंच जाना पड़ सकता है। कदम-कदम पर हिचकोले खाने के लिए राहगीर विवश हैं। देईपार स्थित सरयू नहर पुल के एप्रोच पर बने गड्ढे के कारण आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल होते हैं। जयराम चौधरी ने बताया कि इतनी महत्वपूर्ण सड़क रखरखाव के अभाव में उपेक्षित हो गई है। सड़क की बदहाली के चलते इस पर यात्रा करना काफी कठिन हो गया है। वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। उसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यवसायी सुरेश गुप्ता ने बताया कि सड़क खराब होने का असर व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। राजाराम तिवारी, वीरेंद्र यादव, कमलेन्द्र पांडेय, सुरेश चौधरी, महेश गुप्ता ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार विकास क्षेत्र के जिनवां-चिरैयाडाड़ मार्ग की हालत भी दयनीय है। बासांपार गांव के पास जल निकासी न होने से बारिश का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है, जिससे राहगीरों को यात्रा करने काफी समस्या होती है। सड़क के ऊपर से पानी बहने की वजह से सड़क में बने गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते हैं, जिससे राहगीर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सत्येंद्र शुक्ल, मनोज कुमार यादव, महेंद्र गौतम, कार्तिकेय त्रिपाठी,जुग्गीलाल ,कृष्ण कुमार चौधरी ने जल निकासी की व्यवस्था बनाने की मांग की है।

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