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तेजी से कटान कर रही नारायणी, ग्रामीणों में दहशत

कुशीनगर: वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में कमी आने से नारायणी अपने विकराल रूप में आती जा रही है। एपी, अमवाखास व छितौनी बांध के जर्जर स्थानों पर कटान तेजी से हो रहा है। इससे बांध के किनारे बसे ग्रामीण सुरक्षित ठौर तलाशने लगे हैं। शनिवार को दोपहर एक बजे अचानक 286600 क्यूसेक बढ़े पानी का डिस्चार्ज रविवार को घट कर 239000 क्यूसेक हो गया। ग्रामीणों को भय है कि डिस्चार्ज में और कमी होते ही कटान और तेज हो जाएगी। बरवापट्टी: घट-बढ़ रहे पानी के डिस्चार्ज से नारायणी आमवाखास बांध के किमी 8.600 से किमी 8.800 पर बने स्पर को अपने आगोश में लेने के लिये आतुर हो गई। पिछले वर्ष लक्ष्मीपुर में छह स्पर नदी में विलीन हो गए थे। मुख्य बांध के नब्बे फीसद हिस्से को नारायणी ने आगोश में ले ली थी। इसके कुल सात परियोजनाओं का विभाग ने प्रस्ताव बना शासन को भेजा, लेकिन छह परियोजनाओं के लिए 60 करोड़ की मंजूरी शासन ने दी। कार्य 15 जून तक कराया जाना था, लेकिन विभागीय लापरवाही से अब तक कोई पूर्ण कार्य नहीं हुआ। इससे बांध के किनारे बसे ग्रामीणों में आक्रोश है। किमी जीरो बरवापट्टी से लेकर किमी 900 लक्ष्मीपुर तक बांध पर नदी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता भरत राम ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत कराई जा है। कहीं खतरे की बात नहीं है। छितौनी बांध व ठोकरों पर दबाव बना रही नदी खड्डा : पानी के डिस्चार्ज में कमी की वजह से छितौनी बंधे के भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी ¨बदु 95.67 से नीचे 95.39 सेमी पर बह रही है। इससे नदी उस पार के आधा दर्जन गांवों के निचले हिस्से में घुसा बाढ़ का पानी कम हुआ है। शनिवार को डिस्चार्ज अधिक होने से दियारा के गांव शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, बसंतपुर, मरिचहवा के निचले हिस्से में पानी घुस गया था। जबकि शिवपुर व मरिचहवा गांव का संपर्क मार्ग कट गया है। दियारा के किसी गांव में जाने के लिए नाव ही एक मात्र साधन है। नायब तहसीलदार रवि यादव, एसडीओ राजेन्द्र पासवान राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

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