कोरोना के खतरे के बीच सुस्‍त हुईं निगरानी समितियां, नहीं मिल रही बाहर से आने वालों की सूचना

गोरखपुर में कोरोनावायरस के संक्रमण के बीच न‍िगरानी एजेंस‍ियां सुस्‍त हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों की जांच नहीं कर पा रहा है। ऐसे में वह गांवों में बनाई गई निगरानी समितियों पर निर्भर है।

Pradeep SrivastavaTue, 30 Nov 2021 11:29 AM (IST)
गोरखपुर में कोरोना के खतरे के बीच न‍िगरानी एजेंस‍ियां सुस्‍त हो गई हैं। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों की जांच नहीं कर पा रहा है। ऐसे में वह गांवों में बनाई गई निगरानी समितियों पर निर्भर है। विभाग का मानना है कि रेलवे स्टेशन पर बिना जांच कराए जो यात्री गांवों में पहुंच रहे हैं, उनके बीमार होने पर समितियों के जरिये सूचना मिल जाएगी और तत्काल रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। लेकिन समितियां सुस्त हैं, गांवों में बाहर से आने वालों की कोई सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पा रही है।

दूसरे राज्यों से आने वालों को किया जाएगा 14 दिन होम क्वारंटाइन

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने निर्देश दिया है कि विदेश से आने वाले लोगों के स्वजन यह सुनिश्चित करें कि वह कोविड जांच के बाद ही घर आएं। अगर कोविड जांच नहीं हुई है तो किसी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उनकी जांच करा लें और उन्हें घर में क्वारंटाइन कर दें। एहतियात के तौर पर बाहर से आने वालों को 14 दिन क्वारंटाइन किया जाना जरूरी है। उन्होंने निगरानी समितियों को बाहर से आने वालों पर नजर रखने को कहा है। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। कहा है कि शादी समारोहों में मास्क लगाकर लाएं। शारीरिक दूरी बनाकर रहें। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

गावों में सक्रिय हैं 1664 निगरानी समितियां

गांवों में 1664 निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। उसमें शामिल आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राम प्रधान के सहयोग से बाहर से आने वालों को होम क्वारंटाइन कराएं। अनिवार्य रूप से कोविड जांच कराएं। दिक्कत होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।

इन लक्षणों से रहें सावधान

बुखार

खांसी

शरीर दर्द अथवा सिर दर्द

सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना

स्वाद अथवा खुशबू की संवेदना का चले जाना

बुखार के साथ दस्त

बुखार के साथ त्वचा पर चकत्ते

इन लक्षणों पर लें अस्पताल की मदद

लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री से ज्यादा बुखार

सांस फूलना और सांस लेने में परेशानी

आक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम होना

रोगी में मानसिक भ्रम की स्थिति।

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