देवरिया में विधानसभा चुनाव का माकपोल शुरू, पहले दिन डाले गए मत

विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुटा है। देवरिया के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के एफएलसी हाल में मंगलवार से माकपोल शुरू हो गया है। माकपाेल में कुल ईवीएम का पांच फीसद यानी 190 ईवीएम का प्रयोग होगा।

Navneet Prakash TripathiTue, 07 Dec 2021 05:41 PM (IST)
देवरिया के कलेक्‍ट्रेट परिसर में स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुटा है। देवरिया के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के एफएलसी हाल में मंगलवार से माकपोल शुरू हो गया है। माकपाेल में कुल ईवीएम का पांच फीसद यानी 190 ईवीएम का प्रयोग होगा। दो दिन में इसके पूरा होने की उम्मीद है।

दो दिन पहले पूरा हुआ फर्स्‍ट लेवल चेकिंग का कार्य

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय में कुल 3898 कंट्रोल यूनिट, 4834 बैलेट यूनिट व 4400 वीवी पैट उपलब्ध कराए गए। दो दिन पूर्व फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) का कार्य पूरा हो गया, जिसमें 186 कंट्रोल यूनिट, 93 बैलेट यूनिट व 486 वीवी पैट खराब पाए गए। वर्तमान में 3712 कंट्रोल यूनिट, 4741 बैलेट यूनिट व 3914 वीवी पैट सही हालत में हैं। सुबह करीब दस बजे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में माकपोल के लिए 190 ईवीएम का रैंडम चयन किया गया।

अंग्रेजी के 15 अक्षरों का हो रहा नमूने के तौर पर इस्‍तेमाल

वेयरहाउस से ईवीएम को एफएलसी हाल में शिफ्ट किया गया। इसके बाद माकपोल की प्रक्रिया शुरू हुई। ए से लेकर ओ तक कुल 15 अक्षरों को नमूना के तौर पर लिया गया। 16वां बटन नोटा का था। 38 ईवीएम में 1200-1200 मत डालने का कार्य देर शाम तक चला, जिसमें प्रतिनिधियों के अलावा कर्मचारियों ने सहयोग किया। माकपाेल बुधवार को भी होगा, 76 ईवीएम में 1000-1000 व 76 ईवीएम में 500-500 मत डाले जाएंगे। ईवीएम के प्रभारी अधिकारी सिंचाई खंड दो के अधिशासी अभियंता दुर्गेश गर्ग की देखरेख में पहले दिन पाकपोल का कार्यक्रम चला।

धनगर समाज महासभा की जिला कमेटी भंग, 19 को होगा चुनाव

आल इंडिया धनगर समाज महासंघ की बैठक सात दिसंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई। जिसमें जिला कमेटी को भंग करते हुए 19 दिसंबर को नई कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया। पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष रामविलास धनगर ने कहा कि समाज के पदाधिकारियों की निष्क्रियता की वजह से प्रदेश सरकार के आदेश का अनुपालन तक नहीं हो पा रहा है। नेताओं का धनगर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बन गया है। जिसका लाभ उनको मिल रहा है। समाज के हक अधिकारों की लड़ाई से वंचित कर अपने फायदे में नेता लगे हैं। ऐसे लोगों का संगठन से कोई लेना-देना नही है। धनगर समाज उन्हीं को वोट करेगा, जो अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कर हक व अधिकार दिलाएगा। बैठक को दिनेश चंद्र पाल, रामेश्वर धनगर, ब्रह्मा धनगर, मुक्खी लाल धनगर, शिवजी धनगर, पंकज धनगर, सुब्बन धनगर, रामजन्म सिंह, विकास धनगर, रघुनाथ धनगर ने संबोधित किया।

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