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MMMUT: लोगों की मदद की तकनीकी योजना तैयार, इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा टास्क Gorakhpur News

गोरखपुर में एमएमएमयूटी का प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो, जागरण।

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्व को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का किसानों की मदद के लिए आगे आना वैक्सिनेशन उत्सव में बढ़चढ़ कर भागीदारी करना जैसे कार्य इसकी बानगी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लोगों की मदद की तकनीकी योजना बनाई है।

Satish Chand ShuklaTue, 04 May 2021 01:55 PM (IST)

गोरखपुर, जेएनएन। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने कोरोना से बचाव और इलाज के लिए अपने विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा को इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। प्रतिभा निखरकर सामने आए, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें जनोपयोगी नवाचार का टास्क देने जा रहा है। जिस विद्यार्थी का नवाचार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करने या फिर इलाज करने में सहायक साबित होगा, विश्वविद्यालय उसे प्रशासन के सहयोग से आमजन तक पहुंचाएगा।

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्व को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का किसानों की मदद के लिए आगे आना, वैक्सिनेशन उत्सव में बढ़चढ़ कर भागीदारी करना जैसे कार्य इसकी बानगी हैं। इस समय जब पूरा देश कोरोना के संक्रमण से जूझ रहा है, विश्वविद्यालय प्रशासन ने लोगों की मदद की तकनीकी योजना बनाई है। वह प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रेरित करेगा कि उनके मन में कोरोना से निजात दिलाने या बचाव को लेकर जो भी विचार मन में आ रहे हैं, उसे नवाचार के तौर यथार्थ के धरातल पर उतारें। इससे उनकी सोच का लाभ आमजन तक पहुंच सकेगा। विद्यार्थियों को नवाचार को प्रेरित करने के लिए विश्वविद्यालय ने उन विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने का निर्णय भी लिया है, जिनके नवाचार को प्रशासनिक और सामाजिक स्वीकृति मिलेगी।

नवाचार की गुणवत्ता की जांच के लिए बनेगी समिति

कुलपति बहुत जल्द एक ऐसी समिति का गठन भी करेंगे, जो विद्यार्थियों द्वारा किए गए नवाचार की गुणवत्ता और उपयोगिता को परखेंगे। समिति द्वारा चयनित नवाचार का ही सामान्य जन के बीच प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

आनलाइन कक्षा के पांच मिनट होंगे जागरूकता के नाम

कोविड से बचाव और टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान के क्रम में कुलपति ने आनलाइन कक्षा का पांच मिनट जारूकता के नाम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी शिक्षक कक्षा की शुरुआत में ही कोविड संक्रमण से बचाव पर विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाने की योजना बनाएंगे और नवाचार के लिए भी प्रेरित करेंगे। एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय का कहना है कि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की मेधा इस संक्रमण काल में लोगों के काम आए, इसके लिए विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित किया जाएगा। पूरा विश्वास है कि हमारे मेधावी एक-दो ऐसा नवाचार करने में सफल रहेंगे, जिसका सीधा लाभ समाज को मिलेगा।

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