Shootout in Gorakhpur: भाड़े के शूटरों ने की थी प्रधानाध्‍यापिका की हत्‍या Gorakhpur News

गोरखपुर की प्रधानाध्‍यापिका निवेदिता मेजर उर्फ डेविना
Publish Date:Tue, 22 Sep 2020 08:00 AM (IST) Author: Pradeep Srivastava

गोरखपुर, जेएनएन। प्रधानाध्‍यापिका निवेदिता मेजर उर्फ डेविना की हत्‍या भाड़े के शूटरों से कराई गई थी। जांच में यह बात सामने आने के बाद शाहपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने शूटरों की तलाश तेज कर दी है। नामजद आरोपितों के अलावा एक करीबी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। लखनफ के प्राइवेट अस्‍तपाल में भर्ती निवेदिता की बेटी डेल्सिया की स्थिति में सुधार है। एसएसपी का दावा है कि पुलिस ने घटना की गुत्‍थी सुलझा ली है। जल्‍द पर्दाफाश किया जाएगा।

शूटरों की तलाश में छापेमारी कर रही है शाहपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच

प्रधानाध्‍यापिका के पति मनीष मेजर की तहरीर पर पुलिस ने लूट की कोशिश के लिए गोली मारे जाने का केस दर्ज किया था लेकिन पुलिस के गले के नीचे लूट की बात अब भी नहीं उतर रही है। वजह साफ है, मौके पर ही निवेदिता की चेन, पर्स और मोबाइल पड़ा था। पर्स में रखे दस हजार रुपये सुरक्षित थे। इस वजह से पुलिस को इस कहानी पर जरा भी यकीन नहीं है। भूमि और रिश्‍ते के विवाद को लेकर पड़ताल चल रही है। पुलिस ने डेविना के जितने भी प्रॉपर्टी संबंधित विवाद है, उसके दस्तावेज को हासिल कर लिया है। बताया जा रहा है कि मायके की जमीन को निवेदिता ने अकेले ही अपने नाम करा लिया था इसे लेकर बहन से भी उसका मनमुटाव चल रहा था। इसके अलावा पड़ोसी ज्ञानू तिवारी से रास्ते विवाद था। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने निवेदिता के एक करीबी को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ चल रही है। इसके अलावा पुलिस ने पति से पूछताछ की जिसमें कुछ सुराग हाथ लगा है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

लूट वजह होती तो गोली नहीं मारते

पुलिस का मानना है कि बदमाशों का इरादा अगर लूट करना होता तो वह मां-बेटी को गोली नहीं मारते। जिस तरह से गोली मारी गई है, उससे भी यहीं लग रहा है कि लूट की कोशिश नहीं है। बदमाशों ने पिस्‍टल सटाकर शिक्षिका के चेहरे व पेट में गोली मारी थी ताकि‍ जिंदा बचने का कोई चांस न बचे।

हिरासत में लिए गए कई पेशेवर बदमाश

प्रधानाध्‍यापिका की हत्‍या के मामले में कई पेशेवर बदमाशों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वारदात में शामिल शूटरों की वीडियो दिखाकर पहचान कराई जा रही है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि हमलावर चिन्हित हो गए हैं । गिरफ्तार करने के लिए टीम छापेमारी कर रही है।

पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस हर पहलू पर जांच में जुटी है। सर्विलांस की मदद से चल रही जांच में कुछ जानकारी मिली है। जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा। - जोगेंद्र कुमार, एसएसपी

मां शव देख फफक पड़ा बेटा

मेडिकल कालेज से भारी पुलिस बल के साथ प्रधानाध्‍यापिका शव सोमवार देर शाम बशारतपुर पश्चिमी में स्थित आवास पर पहुंचा। श्रद्धांजली देने के लिए पहले से ही परिजन, रिश्‍तेदार और शुभचिंतक मौजूद थे। मां का शव देख बेटा फफक पड़ा। उसे देख कॉलोनी कॉलोनी के लोग भी रो पड़े। ईसाई धर्म के अनुसार घर के बगल में स्थित सेंट जान्स कब्रिस्तान में दफन किया।

गोली की आवाज सुन लगा हो रही है आतिशबाजी

राजीवनगर के लोगों ने बताया कि ईसाई समाज में शादी तय होने के बाद चर्च में धर्मगुरु द्वारा तीन रविवार को शादी की पुकार की जाती है। निवेदिता मेजर के मायके वाले मकान के पास रहने वाले एक लड़की की शादी तय हुई है। रविवार को पहला पुकार था। पुकार के बाद आतिशबाजी होती है। आतिशबाजी होने के संदेह में वह लोग घर से बाहर नहीं निकले। नही तो सम्भव था कि हमलावर पकड़ लिए गए होते ।

बहुत मिलनसार थीं निवेदिता

सेंट एंड्रूज डिग्री कालेज गोरखपुर में राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष से सेवानिवृत्‍त हुए निवेदिता के पिता डेविट इंद्रियाज चर्च व गरीबों को दान देते थें। उनकी मौत के बाद निवेदिता चर्च के हर आयोजन में भाग लेने के साथ ही गरीबों की सहायता करती थीं।

ज्ञानू तिवारी के अलावा किसी से दुश्‍मनी नहीं

प्रधानाध्‍यापिका की मां निर्मला इंद्रियाज ने बताया कि ज्ञानू तिवारी ही उनके परिवार को परेशान करता था। जमीन हड़पने के लिए उसने कई कूटरचित दस्‍तावेज भी बनवा लिए थे। 10 फिट रास्ते को लेकर उससे समझौता हुआ था जिसे वह जबरन 12 फीट करा रहा था।

पत्‍नी से नहीं था मनमुटाव

मनीष मेजर ने कहा कि कुछ उसके बारे में अफवाह फैलाई गई है कि सात वर्षों से पत्‍नी से उसका विवाद चल रहा था। दोनों अलग रहते थे जबकि ऐसा नहीं है। निवेदिता उससे बेहद प्यार करती थी। बच्‍चों के साथ वे एक साथ, एक ही मकान में रहते थे ।

मां की हत्‍या से बदहवास है ईथान 

मां की हत्‍या के बाद सातवीं में पढ़ने वाला इथान रविवार से ही बदहवास है। उसे विश्वास ही नही हो रहा है कि मां अब इस दुनिया मे नही है। सोमवार को घर पर बेसुध पड़ा रहा। मां का शव पहुंचा तो फूटकर रोने लगा। उसने बताया कि घटना से पहले किसी को कोई धमकी नहीं मिली थी।

 

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