इस विश्वविद्यालय में लागू होगा सवर्ण आरक्षण, बढ़ेंगी 25 फीसद सीटें

गोरखपुर, क्षितिज पांडेय। किसी तरह के आरक्षण का लाभ न पा रहे, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 10 फीसद सीटें आरक्षित होंगी। यही नहीं बीटेक, एमटेक, बीबीए, एमसीए, एमबीए, एमएससी आदि पाठ्यक्रमों में 25-25 फीसद सीटों का इजाफा भी होगा। आरक्षण के नए प्रावधानों के बाबत प्राविधिक शिक्षा विभाग के आदेश पर अमल के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सत्र 2019-20 से ही इसे लागू किया जाएगा, नई व्यवस्था लागू करने के लिए जरूरी प्रबंध बोर्ड की अनुमति एवं अन्य औपचारिकताएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी।

'सवर्ण आरक्षण' को बीती फरवरी में संसद ने मंजूरी दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने भी तत्काल अमल बाबत शासनादेश जारी कर दिए थे। नए प्रावधान गोरखपुर विश्वविद्यालय में भी  लागू हो गए हैं। अब एमएमएम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी सभी कोर्सों की 10 फीसद सीट किसी तरह के आरक्षण का लाभ न पा रहे, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जा रही हैं।

बीटेक में हो जाएंगी 900 सीटें

नई व्यवस्था से पूर्व का आरक्षित सीटों  का कोटा प्रभावित न हो, इसके लिए वहीं 25 फीसद सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। बीटेक सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस इंजीनियङ्क्षरग में अब तक जहां 120-120 सीटों पर दाखिला होता था, वहीं अब 150-150 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा, जबकि बीटेक केमिकल इंजी.,बीटेक आइटी, बीबीए, एमबीए और एमसीए की 60-60 सीटों की जगह 75-75 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसी तरह एमटेक की सभी 12 शाखाओं की 216 सीटें बढ़कर 270 हो जाएंगी। एमएससी फिजिक्स और गणित में भी सीटें बढ़ाने की योजना है।

आरक्षण के नए प्रावधानों को लागू करने की हम तैयारी कर रहे हैं। जल्द ही बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के समक्ष प्रस्ताव रखा जाएगा। - प्रो. श्रीनिवास सिंह, कुलपति, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.